Tulsi Jayanti: तुलसी की जीवन दृष्टि: गिरीश्वर मिश्र

Tulsi Jayanti: गोस्वामी जी भौतिक-सामाजिक विश्व तथा आध्यात्मिक जीवन, दोनों को जोड़ते हैं। वस्तुतः उनके यहाँ आध्यात्मिक और भौतिक की स्वतंत्र या निरपेक्ष सत्ता ही नहीं हैं। उनकी राम कथा … Read More

Independence Day 2023: हम भारतीयों की स्वतंत्रता….

Independence Day 2023 !!स्वतंत्रता!! Independence Day 2023: भारत के संदर्भ में स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता मात्र से नहीं है। असल मायनों में भारतीय स्वतंत्रता ने अपने आप में … Read More

77th Independence day: स्वतंत्रता समर्पण का आह्वान है !

77th Independence day:  ‘स्वतंत्रता’ यह शब्द सुन कर अक्सर मन में सबसे पहले बंधनों से मुक्ति का भाव आता है । इस स्थिति में किसी तरह के बंधन नहीं रहते … Read More

Book of Santosh Srivastava: कैथरीन और नागा साधुओं की रहस्यमयी दुनिया: संतोष श्रीवास्तव

Book of Santosh Srivastava: इंस्टेंट मैगी, इंस्टाग्राम और ओटीटी के इस जमाने में कोई लेखक भला सालों तक कैसे एक ही विषय पर काम कर सकता है? चाहे विषय कितना … Read More

Gau Mata: चीखकर के मुझे जगाती है नित्य दिन

“गौ माता”Gau Mata Gau Mata: तड़के शिघ्र ही वहउठ जाती हैपश्चात अपने बछड़ेको दुलारती है चीखकर के मुझेजगाती है नित्य दिनवह बोल नही पातीकिंतु उसकी ऑंखेंकहती है की दूधनिकाल लो … Read More

योग दिवस: International yoga day

“योग दिवस” International yoga day: आज बड़े सुबह अलार्म लगा करउठे हम भी अलसाएं सेआज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हैहम भी मन की बात सुनेंगेआ गए हम भी बड़े जोश मेंलोम … Read More

Enviroment Day 2023: पर्यावरण ही जीवन का स्रोत है: गिरीश्वर मिश्र

Enviroment Day 2023: शिव पशुपति और पार्थिव हैं तो गणेश गजानन हैं। सीता जी पृथ्वी माता से निकली हैं । द्रौपदी यज्ञ की अग्नि से उपजी ‘याज्ञसेनी’ हैं । वैसे … Read More

Kabir Jayanti-2023: सहज-सहज सब कोउ कहै, सहज न चीन्है कोई !

Kabir Jayanti-2023: “कबीर जयंती“ कबीर के माध्यम से हम अपने समय को ठीक से पहचान सकते हैं। कबीर कभी बड़े आसान लगते हैं तो कभी बड़े मुश्किल । हिंदी के … Read More

Woman: मत करो यूँ तिरस्कार इनका, तुम्हारे घर की नींव इनसे ही है

स्त्री(Woman) Woman: सदा जीती दूसरों के खातिरफिर क्यों स्त्री का सम्मान नहीं,क्या वह है एक स्त्री इसलिएउसका कोई मान नहीं! जीती सदा ही गला घोटकरस्त्री अपने अरमानों को,फिर भी रखती … Read More

Daughter: एक बेटी अब एक बहु बनने को चली है

Daughter: पिता की राजकुमारी अब पति की रानी बनने को चली है! Daughter: चंचल मन अब स्थिरहोने को चला है!मानस अब उत्तरदायित्व कापर्वत उठाने को चला है! कल तक थे … Read More