VDA Defaulters Relief: वाराणसी विकास प्राधिकरण ने बकायेदारों को दी बड़ी राहत
VDA Defaulters Relief: ओटीएस-2026 के द्वारा बकायेदारों को पारदर्शी निस्तारण की दिशा में शासन के निर्देश पर वीडीए की शानदार योजना
- VDA Defaulters Relief: ओ टी एस योजना को सफलता पूर्वक क्रियान्वयन हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में संपत्ति विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी हुये शामिल
रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 21 अप्रैल: VDA Defaulters Relief: वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के निर्देशानुसार सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में प्राधिकरण सभागार में एकमुश्त समाधान योजना (ओ.टी.एस.) 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संपत्ति विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित हुये.
इस सम्बन्ध में वी डी ए सचिव डॉ वेद प्रकाश मिश्र ने बताया कि, ओटीएस (One Time Settlement) के अंतर्गत बकायेदार आवंटियों को बकाया जमा कर संपत्ति नियमित करने का विशेष अवसर मिल रहा है। इसके तहत सभी आवासीय, व्यावसायिक, मिश्रित उपयोग, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत एवं मानचित्र डिफॉल्टर आवंटी लाभ पा सकते हैं। इसके साथ ही साधारण ब्याज पर निस्तारण, किस्तों की सुविधा, 30 दिन में एकमुश्त भुगतान पर 3% छूट भी मिलेगी.
सचिव डॉ मिश्रा ने आगे बताया कि ओटीएस-2026 एक ऐसी विशेष योजना है, जिसके माध्यम से प्राधिकरण के बकायेदार आवंटी सरल शर्तों पर अपने लंबित देयों का निस्तारण कर सकते हैं। यह योजना पारदर्शिता, सरलता और जनहित को ध्यान में रख कर बनाई गई है. इसके अंतर्गत आवंटन, नीलामी या अन्य माध्यम से दी गई सभी आवासीय संपत्तियां, केंद्र / राज्य सरकार व सरकारी उपक्रमों को आवंटित संपत्तियां, मिश्रित उपयोग, व्यावसायिक, ग्रुप हाउसिंग व संस्थागत संपत्तियां, मानचित्र डिफॉल्टर (90 दिन से अधिक बकाया वाले) सभी को लाया गया है.
आपने आगे बताया कि योजना के प्रमुख लाभोँ में मूल शर्तों के आधार पर साधारण ब्याज से निस्तारण, किस्तों में भुगतान की सुविधा (अधिकतम 4 माह) 30 दिन में पूर्ण भुगतान पर 3% छूट, पुनर्निर्धारित मामलों में भी मूल दर से गणना के साथ, प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व न्यायसंगत है. आपने सभी आवंटियों, बकायेदारों से इस योजना का अधिकतम लाभ लेने की अपील की. अवसर पर कुछ बकायेदार आवंटियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किये गये. प्रशिक्षण कार्यक्रम में संपत्ति अधिकारी आंनद तिवारी, सहायक संपत्ति अधिकारी रमेश चंद्र दूबे सहित संपत्ति विभाग के सभी वरिष्ठ एवं कनिष्ठ लिपिक उपस्थित थे.

