Public & Leader: जनता का शासन एवं जनप्रतिनिधि: मोहित कुमार उपाध्याय

ऐसा क्यों हो रहा है इसमें अनेक कारण शामिल हैं। उदाहारणस्वरूप – निहित राजनीतिक स्वार्थ, भ्रष्टाचार, राजनीतिज्ञों में पदों की लालसा, अनुशासन के नाम पर राजनीतिक दलों में पार्टी लाइन … Read More

population control policy: जनसमर्थन से हो जनसंख्या नियंत्रण: डॉ नीलम महेंद्र

दरअसल आज भारत जनसंख्या के हिसाब (population control policy) से विश्व में दूसरे स्थान पर आता है और यूएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2027 तक भारत विश्व की सबसे अधिक … Read More

Education policy & Challenges: शिक्षानीति के क्रियान्वयन की राह और चुनौतियाँ: गिरीश्वर मिश्र

परिणाम यह हुआ कि आकार में विश्व की एक प्रमुख वृहदाकार शिक्षा व्यवस्था तदर्थ ( एड हाक ) व्यवस्था में चलती रही . हम लोग पुराने ढाँचे में छिटफ़ुट बदलाव … Read More

Education: बदलता शैक्षिक परिदृश्य: गिरीश्वर मिश्र

उपर्युक्त सभी विचार भारत की धरती से उपजे हैं इसलिए इनकी ओर ध्यान चला जाना स्वाभावि क है . खास तौर पर यह तब और मुनासिब लगने लगता है जब … Read More

भारत में सिनेमा (indian cinema) की यात्रा के पड़ाव: गिरीश्वर मिश्र

Indian cinema: आज सिनेमा ज्ञान, चेतना और सामाजिक जागरूकता, मूल्य बोध, परवरिश के तौर तरीकों को आकार देने वाली शक्ति के रूप में स्थापित हो चुका है. भारत में नाटकों … Read More

“मुंबई समाचार (Mumbai samachar) : २०० साल बेमिसाल…”

फर्दूनजी का जन्म १७८७ में सूरत में हुआ था। १२ साल की उम्र तक उन्होंने पिता के पास पारसी धार्मिक क्रियाकलाप एवं गुजराती और फारसी भाषा का ज्ञान प्राप्त किया। … Read More

धर्मांतरण (conversion): समस्या या साज़िश

दिलचस्प बात यह है कि ये सब उस प्रदेश में हुआ जहां धर्मांतरण (conversion) के खिलाफ 2020 में ही एक सख़्त कानून लागू कर दिया गया था। लेकिन हमारे देश … Read More

महामारी के बीच (education crisis) शिक्षा संकट: गिरीश्वर मिश्र

Education crisis: बहुत से विद्यार्थी आन लाइन प्रवेश , आन लाइन शिक्षा और आन लाइन परीक्षा से गुजरने को बाध्य हो गए. शिक्षा -केंद्र विद्यार्थी और शिक्षक से भौतिक रूप … Read More

“आप”(AAP) यहां आए किसलिए?

किंतु यह तो राजनीति है, बात इतनी सरल होती तो कोई प्रश्न ही नहीं था, भाजपा का गढ़ यहां मजबूत होने के बावजूद कुछ ऐसी गतिविधियां है जो उसे राजनीतिक … Read More

Kabir Jayanti:सांच ही कहत और सांच ही गहत है !

कबीर जयन्ती (Kabir Jayanti) Kabir Jayanti: आज जब सत्य और अस्तित्व के प्रश्न नित्य नए-नए विमर्शों में उलझते जा रहे हैं और जीवन की परिस्थितियाँ विषम होती जा रही हैं … Read More

Copyright © 2021 Desh Ki Aawaz. All rights reserved.