Doharighat Aunrihar Train

Doharighat Aunrihar Train: अश्विनी वैष्णव ने दोहरीघाट-मऊ-औड़िहार पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई

  • Doharighat Aunrihar Train: रेल मंत्री: यह ट्रेन सेवा वाराणसी तक बढ़ाई जाएगी
  • रेल मंत्री ने पूर्वांचल से राष्ट्रीय राजधानी के लिए जल्द ही एक और ट्रेन शुरू करने का वादा किया
  • यह नई ट्रेन पूर्व में छपरा को मऊ, आजमगढ़, लखनऊ और कानपुर होते हुए दिल्ली से जोड़ेगी

लखनऊ, 11 मई: Doharighat Aunrihar Train: रेल, सूचना एवं प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए दोहरीघाट-औड़िहार यात्री ट्रेन को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शुभारंभ समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, सांसद राजीव राय और अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित थे।

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v: यह उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेल यात्रियों की सुविधा और मऊ और गाजीपुर जिलों के लोगों की सीधी दैनिक रेल सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए यह नई रेल सेवा शुरू की गई है।

औड़िहार-दोहरीघाट-औड़िहार यात्री ट्रेन(Doharighat Aunrihar Train)

यह ट्रेन सादत, जखनियां, दुल्लापपुर, मऊ, इंदारा, कोपागंज, घोसी, अमिला और मुरादपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन सेवा का विस्तार जल्द ही वाराणसी तक किया जाएगा।

Doharighat Aunrihar Train

इस ट्रेन में 8 कोच होंगे, जिनमें दैनिक यात्रियों और मार्ग पर अन्य यात्रियों के लिए आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए यात्री कोच शामिल हैं।

यात्री ट्रेन सेवा का वाराणसी तक होगा विस्तार

इस मौके पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए, श्री वैष्णव ने बताया कि इस नई औड़िहार-दोहरीघाट-औड़िहार यात्री सेवा का विस्तार वाराणसी तक किया जाएगा। इस विस्तार से वाराणसी के सांस्कृतिक और वाणिज्यिक केंद्र को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दैनिक यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को लाभ होगा, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेल संपर्क और मजबूत होगा।

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नई ट्रेन सेवा के लाभ

नई ट्रेन सेवा से मऊ, गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधी, किफायती, सुरक्षित और आरामदायक दैनिक रेल यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह ट्रेन औड़िहार-दोहरीघाट कॉरिडोर पर स्थित कस्बों और गांवों के निवासियों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाएगी। इस सेवा से पर्यटन, स्थानीय व्यापार, शिक्षा और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा और इससे क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की उम्मीद है।

दोहरीघाट में एक वर्चुअल जनसभा को संबोधित करते हुए, वैष्णव ने दोहरीघाट को गहन धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का स्थान बताया, जो भगवान श्री राम से जुड़ा है और भगवान परशुरामजी के मिलन स्थल के रूप में पूजनीय है।

पूर्वांचल और दिल्ली को जोड़ने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन

पूर्वांचल क्षेत्र से दिल्ली के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए, श्री वैष्णव ने उत्तरी गंगा कॉरिडोर से शुरू की जाने वाली एक नई एक्सप्रेस ट्रेन की घोषणा की। यह ट्रेन छपरा, बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, गाजियाबाद और आनंद विहार को जोड़ेगी। उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि यह सेवा शीघ्र ही शुरू की जाएगी।

Doharighat Aunrihar Train

ऐतिहासिक रेल मार्ग का मीटर गेज रूपांतरण

श्री वैष्णव ने बताया कि इंदारा-दोहरीघाट मीटर गेज लाइन का निर्माण 1904 में, यानी 100 साल से भी अधिक समय पहले हुआ था, लेकिन इसका मीटर गेज रूपांतरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पदभार संभालने तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश भर में कई लंबित रेलवे परियोजनाओं को शुरू किया गया, जिनमें मीटर गेज रूपांतरण, दोहरीकरण और कई अधूरी परियोजनाएं शामिल हैं। इंदारा-दोहरीघाट लाइन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में नई रेल सुविधाएं उपलब्ध हुईं। रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2023 में इस नई परिवर्तित लाइन पर रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया था।

उत्तर प्रदेश में रेलवे निवेश में कई गुना वृद्धि

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2014 में उत्तर प्रदेश के लिए रेलवे बजट आवंटन मात्र 1,109 करोड़ रुपए था। 2014 के बाद यह आवंटन बढ़कर लगभग 20,012 करोड़ रुपए हो गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं, जो राज्य के इतिहास में रेलवे विकास का अभूतपूर्व पैमाना है।

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प्रमुख आधारभूत परियोजनाएं जो अभी जारी हैं

Doharighat Aunrihar Train: वैष्णव ने उत्तर प्रदेश में चल रही कई प्रमुख रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं का संक्षिप्त विवरण दिया। उन्होंने बताया कि गंगा के दक्षिण में प्रयागराज-कानपुर-आगरा-दिल्ली मार्ग पर एक विशाल चार-लाइन कॉरिडोर विकसित किया गया है। इसी प्रकार, गंगा के उत्तर में भी एक विशाल चार-लाइन रेलवे कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जो दिल्ली को गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, गोंडा और गोरखपुर होते हुए बिहार और पूर्वोत्तर से जोड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र में वर्तमान में जारी निम्नलिखित नई लाइन और दोहरीकरण परियोजनाओं की जानकारी दी:

चितौनी-तमकुही रोड नई लाइन, आनंद नगर-घुगली नई लाइन, सहजनवा-दोहरीघाट नई लाइन, बहराइच-खलीलाबाद नई लाइन, गोरखपुर-वाल्मीकि नगर दोहरीकरण, बुरहवाल-गोंडा तीसरी लाइन, कटरा-अयोध्या दोहरीकरण, औड़िहार-वाराणसी तीसरी लाइन, मथुरा-झांसी तीसरी लाइन, आगरा फोर्ट-बांदीकुई दोहरीकरण, चोपान-चुनार दोहरीकरण और प्रयागराज-मानिकपुर तीसरी लाइन।

श्री वैष्णव ने यह भी बताया कि वाराणसी का पुराना मालवीय पुल जर्जर हो रहा है, इसलिए उसके समानांतर एक नया पुल बनाया जा रहा है, जिसके निचले डेक पर चार रेलवे लाइनें और ऊपर छह लेन का राजमार्ग होगा। यह निर्माणाधीन पुल गंगा नदी पर नमो घाट के पास स्थित है। श्री वैष्णव ने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश के रेलवे मानचित्र में बड़ी बदलाव आएगा और भविष्य में कम से कम 500 नई ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।

अमृत ​​भारत स्टेशन

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 157 अमृत भारत स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, जिनमें से 28 स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है। पूर्वांचल क्षेत्र में मऊ, गाजीपुर सिटी और दिलदारनगर स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य जारी है।

नई ट्रेनें और सेवाएं

श्री वैष्णव ने बताया कि कोविड के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 58 नई ट्रेन सेवाएं शुरू हुई हैं और 568 सेवाओं का विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 40 अमृत भारत एक्सप्रेस और 32 वंदे भारत सेवाएं चल रही हैं। आनंद विहार-मऊ ट्रेन सेवा फरवरी 2021 में शुरू हुई थी और दिसंबर 2023 में मऊ से मुंबई की ओर जाने वाली नई सेवाएं भी शुरू हुईं।

तीन स्थानों पर अंडरपास

केंद्रीय मंत्री ने ऐलान किया कि 14सी, 25सी और 27सी स्थानों पर अंडरपास का निर्माण तेजी से किया जाएगा। उन्होंने रेल अधिकारियों को रिकॉर्ड समय में काम पूरा करने का निर्देश दिया।

उत्तर प्रदेश के लिए बुलेट ट्रेन

श्री वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष के बजट में उत्तर प्रदेश के लिए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा की है और इस पर काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कॉरिडोर पर प्रस्तावित यात्रा समय साझा किया:

दिल्ली-आगरा: 58 मिनट, दिल्ली-लखनऊ:2 घंटे 12 मिनट, दिल्ली-वाराणसी: 3 घंटे 33 मिनट, दिल्ली-अयोध्या: 2 घंटे 47 मिनट, लखनऊ-प्रयागराज: 48 मिनट, लखनऊ-वाराणसी: 1 घंटे 21 मिनट, लखनऊ-अयोध्या: 35 मिनट।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी को जोड़ने वाला प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नेटवर्क, पूर्वोत्तर के अष्टलक्ष्मी राज्यों से संपर्क मजबूत करेगा और विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के सपने को साकार करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि बुलेट ट्रेन मध्यम वर्ग और आम नागरिकों के लिए किफायती होगी और विकसित भारत की नींव रखेगी।