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Kashi Daughter Vasudha: काशी की बिटिया वसुधा को मिला ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया’ सम्मान

Kashi Daughter Vasudha: बी एच यू के वेद विभाग के आचार्य की पुत्री वसुधा की उल्लेखनीय उपलब्धि पर कुलपति ने किया प्रोत्साहित

  • 9 वर्षीय वसुधा को उक्त सम्मान,पारिणी अष्टाध्याई के चार हज़ार सूत्रों के कंथस्थ प्रभावशाली पाठ हेतु मिला

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रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 22 जुलाई:
Kashi Daughter Vasudha: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वेद विभाग के सहायक आचार्य डॉ. नारायण प्रसाद भट्टराई की सुपुत्री कु. वसुधा भट्टराई को जीनियस फाउंडेशन द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया में नाम दर्ज किए जाने की उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने उनसे अपने कार्यालय में भेंट कर प्रोत्साहित किया। यह सम्मान उन्हें पाणिनी अष्टाध्यायी के लगभग चार हजार सूत्रों (सवार्तिक सहित) के अद्वितीय कण्ठस्थ पाठ एवं प्रस्तुतीकरण के लिए प्राप्त वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया की उपलब्धि के उपलक्ष्य में प्रदान किया गया।

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Kashi Daughter Vasudha

अवसर पर प्रो. चतुर्वेदी ने वसुधा भट्टराई को स्मृति- चिह्न एवं सम्मान-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान-परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संस्कृत भाषा और शास्त्रों का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इतनी कम आयु में पाणिनी अष्टाध्यायी जैसे विश्वविख्यात व्याकरण-ग्रन्थ का कण्ठस्थ अध्ययन एवं उसका प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण असाधारण प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण और निरन्तर साधना का परिचायक है।

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वसुधा की यह उपलब्धि न केवल काशी हिन्दू विश्वविद्यालय बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए भी गौरव का विषय है।वर्तमान में वसुधा भट्टराई 9 वर्ष की हैं तथा वाराणसी स्थित तुलसी विद्या निकेतन स्कूल में कक्षा 3 की छात्रा हैं। उन्होंने पाणिनी अष्टाध्यायी के लगभग 4,000 सूत्रों का (सवार्तिक सहित) कण्ठस्थ अध्ययन सम्पन्न किया। अपनी इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए उन्हें हाल ही में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया द्वारा सम्मानित किया गया। इसी क्रम में उन्हें देश की 50 चयनित भारतीय प्रतिभाओं में स्थान प्रदान करते हुए संस्था जीनियस फाउंडेशन द्वारा भी सम्मानित किया गया. अवसर पर वसुधा के पिता डॉ. नारायण प्रसाद भट्टराई, सहायक आचार्य, वेद विभाग भी उपस्थित रहे.