Tulsidas Jayanti: गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह सम्पन्न
Tulsidas Jayanti: वी सी डब्लू के हिंदी विभाग में आयोजित जयंती समारोह में वक्ताओं ने रखे सारगर्भित विचार
छात्राओं ने गोस्वामी जी के जयंती पर मधुर स्वर में प्रस्तुत किया मानस गायन
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📲 WhatsApp पर शेयर करेंरिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 20 अगस्त: Tulsidas Jayanti: राजघाट स्थित वी सी डब्लू के हिंदी विभाग के तत्वावधान में गोस्वामी तुलसीदास की जन्म जयंती गरिमामयी तरीके से मनाई गई. कार्यक्रम का सुन्दर संयोजन विभागाध्यक्ष प्रो मीनू अवस्थी ने किया.अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो अलका सिंह ने कहा कि महापुरुषों की जयंती कार्यक्रम के द्वारा हमें साकारात्मक विचारों की असीम ऊर्जा प्राप्त होती है।
अवसर पर प्रो० मीनू अवस्थी ने गोस्वामी जी के समन्वय भावना तथा परहित की भावना को अपने चरित्र में शामिल करने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने आयोजन समिति को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में हिंदी विभाग के सभी शिक्षक गण डॉ० राजेश चौधरी, डॉ० किरण तिवारी, डॉ० पम्मी राय, प्रो अपराजिता शांडिल्य गोस्वामी जी को याद किया.
अवसर पर डॉ० राजेश चौधरी ने गोस्वामी जी के भक्ति भाव किस प्रकार मानवकल्याण की बात करता है… विषय पर चर्चा की।
डॉ किरण तिवारी ने गोस्वामी जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस के शब्दों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी. डॉ पम्मी राय ने गोस्वामी जी के कृतित्व का महत्व बताते हुए कहा कि” गोस्वामी जी की रचनाएं हमें भक्ति के सानिध्य में चेतना प्रदान करती हैं ।”
प्रो अपराजिता शांडिल्य ने गोस्वामी जी का ‘राम चरित मानस’ किस प्रकार जीवन के विभिन्न पक्षों की हमे मार्गदर्शन प्रदान करता है ….इससे हमे अवगत कराया।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में एम. ए (द्वितीय वर्ष)
की छात्राएं नेहा चौबे, सोनाली कुमारी, दिव्या यादव, प्राची देवी, सौम्या सिंह, सत्या सिंह, वसुधा सिंह, अंजना यादव, अदिति मिश्रा, रीना यादव आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. छात्राओं ने गोस्वामी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व के विभिन्न पक्षों ….उनके साहित्य का तथ्यपरक परिचय, तुलसीदास का सामान्य परिचय और सामाजिक चेतना, तुलसी के राम : भक्ति, मर्यादा और मानवता, तुलसीदास का जीवन और साहित्यिक योगदान, तुलसीदास का दृष्टिकोण आदि पर अपना विचार व्यक्त किया तथा मधुर स्वर में तुलसी रचित मानस गायन प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया.
कार्यक्रम का सफल संचालन दिव्या यादव तथा धन्यवाद ज्ञापन वासंति घोष ने दिया.

