Heritage Walk: BHU में गौरवशाली विरासत से परिचित कराने के लिए हेरिटेज वॉक
Heritage Walk: 27 सितम्बर : विश्व पर्यटन दिवस समारोह का शुभारम्भ हुआ हेरिटेज वॉक के साथ
- कुलपति प्रो अजित कुमार चतुर्वेदी ने बी एच यू परिसर स्थित नवीन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से, हेरिटेज वॉक को दिखाई हरी झंडी
🔥 इस खबर को WhatsApp पर जरूर शेयर करें 📲
📲 WhatsApp पर शेयर करेंरिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 25 सितम्बर: Heritage Walk: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हेरिटेज वॉक के द्वारा 27 सितम्बर : विश्व पर्यटन दिवस समारोह की आकर्षक शुरुआत की गई. इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत से परिचित कराना था। वॉक में विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं आम लोगों ने सहभागिता की। यह वॉक कला संकाय के पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा थी, जिसे 27 सितंबर को मनाया जाएगा।
इस वर्ष के विश्व पर्यटन दिवस की थीम है, “Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism. नवीन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी द्वारा झंडी दिखाने के साथ हेरिटेज वॉक आरंभ हुई। अवसर पर प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि हेरिटेज वॉक न केवल पर्यटन को बढ़ावा देती है, बल्कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत को भी खूबसूरती से सामने लाती है। उन्होंने इसे एक सराहनीय पहल बताते हुए आशा व्यक्त की कि इस तरह की हेरिटेज वॉक प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाएगी.
अवसर पर निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार ने पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन सांस्कृतिक विविधता की गहरी समझ प्रदान करता है तथा हमें विभिन्न स्थानों, लोगों और परंपराओं से परिचित कराता है. हेरिटेज वॉक का मार्ग वैदिक विज्ञान केंद्र से रसायन विज्ञान विभाग, कला संकाय, एसवीडीवी संकाय, भारत कला भवन होते हुए मालवीय भवन तक रहा। एमटीटीएम के विद्यार्थियों ने वॉक के प्रमुख पड़ावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
यह भी पढ़ें:- IIT BHU के प्रो. कमलेश कुमार सिंह ने BRICS-2026 में प्रस्तुत किया ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग पर शोध
त्रिनेत्र ने विश्वनाथ मंदिर के महत्व तथा पंडित मदन मोहन मालवीय की स्थापना संबंधी दृष्टि के बारे में बताया। हरसिद्ध ने रसायन विज्ञान विभाग के इतिहास पर प्रकाश डाला. अन्नू यादव ने प्रतिभागियों को कला संकाय के बारे में जानकारी दी, जिसकी स्थापना 1916 में विश्वविद्यालय के सबसे प्रथम संकाय के रूप में हुई थी.
"मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं और मैंने एक राजनीतिक परिवार में 50 से अधिक साल बिताए हैं… भारत में एक मूलभूत शक्ति है जिसे सत्ता-विरोधी लहर कहा जाता है। लेकिन किसी कारण से यह नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी के साथ नहीं होती।"@RahulGandhi @narendramodi @PMOIndia @AmitShah pic.twitter.com/yakbNRvYEi
— Ram Mani Pandey (@pandeyrm) September 25, 2026
वॉक के समापन पर पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. शायजू ने विद्यार्थियों की सराहनीय सहभागिता एवं उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की विरासत को आगे बढ़ाने में केंद्र की बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें केंद्र के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की यात्रा तथा इतने महान संस्थान की स्थापना में महामना के संघर्षों के बारे में अधिक जानने का प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
समन्वयक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास के लिए ऐसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रो. शिखा, डॉ. प्रवीण राणा, डॉ. आर. एस. मिश्रा आदि हेरिटेज वॉक में शामिल रहे. विद्यार्थियों ने झंडे, पोस्टर एवं हेरिटेज वॉक का बैनर लेकर सहभागिता की, जबकि फोटोग्राफी, आकर्षक नारों एवं उद्घोषों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का संचार किया।

