Varanasi 14

VCW seminar: वीसीडब्लू में विश्व एलजाइमर दिवस पर हुआ सेमिनार

VCW seminar: मनोविज्ञान विभाग के तत्वावधान में छात्राओं ने जाना अल्जइमर रोग के कारण और निवारण

रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह

वाराणसी, 22 सितंबर: VCW seminar: वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट के मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं द्वारा विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर सेमिनार का आयोजन किया गया। ज्ञान की शक्ति विषयक कार्यक्रम में मनोविज्ञान की तृतीय वर्ष की छात्राओं ने सफलता पूर्वक सेमिनार का आयोजन किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ वेद प्रकाश रावत (असिस्टेंट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग) ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए आपने कहा कि सबसे पहले जर्मन मनोचिकित्सक डॉ. अलोइस अल्जाइमर ने अल्जाइमर बिमारी की खोज़ की। बाद में इन्हीं के नाम पर इस बीमारी का नाम रखा गया।

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डॉ अलोइस ने सन् 1901 में अपने इलाज के दौरान 50 वर्षीय महिला रोगी के भीतर इस बीमारी की पहचान की। पहली बार विश्व अल्जाइमर दिवस साल 2012 में मनाया गया था। बाद में प्रत्येक वर्ष अल्जाइमर दिवस 21 सितम्बर को मनाया जाने लगा। डॉ वेद प्रकाश ने आगे बताया कि अल्जाइमर बीमारी को ‘भूलने की बीमारी’ भी कहा जाता है। इसे डिमेंशिया का भी एक रूप माना जाता है। यह एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाओं को लगातार नुकसान पहुंचता है।

डॉ वेद प्रकाश रावत ने छात्राओं के 4 समूह बना दिए थे, जिसमें प्रथम समूह की छात्राओं, जिसमें प्रमुख रुप से ऋषिका, अंशु मिश्रा, हर्षिता कुमारी निक्की कुमारी, खुशी कुमारी तथा आकृति अयान ने….अल्जाइमर क्या है? उसकी प्रमुख परिभाषाएं और उनके प्रमुख लक्षणों से सबको अवगत कराया।

इसी क्रम में दूसरे समूह की छात्राओं क्रमशः अंकिता राय, आयुषी रघुवंशी, फाल्गुनी चौहान, गार्गी पांडे, इकरा शेख, सबा परवीन, साक्षी सिंह, संस्कृति लखमणि, शोखी श्रीवास्तव तथा सुकन्या चक्रवर्ती ने अल्जाइमर से बचाव, महामारी विज्ञान तथा डीएसएम 5 के दृष्टिकोण को भी बताया।

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तीसरे समूह की छात्राओं क्रमशः सलोनी,शिवांगी सिंह, सृष्टि प्रजापति, श्रुति पांडे, श्रेया राय, जैनब अनुष्का सिंह, तथा पुनीता राय ने अल्जाइमर के लिए हेतुकी एवं जोखिम वाले कारकों को बताया, जिससे अल्जाइमर रोग की संभावना बढ़ जाती है। चौथे और अंतिम समूह की छात्राओं क्रमशः आंचल सिंह, अलका गिरी, आरती काजल, प्रियंका, रेशमा परवीन, स्तुति तथा सुप्रिया ने अल्जाइमर से संबंधित विभिन्न उपचार पद्धतियों के बारे में बताया।

यह संपूर्ण कार्यक्रम प्रोफ़ेसर सीमा श्रीवास्तव, डॉ रिचा सिंह, डॉ वेद प्रकाश रावत, डॉ सुभाष मीणा तथा डॉ आकांक्षी श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। सभी छात्राओं ने बड़े हर्ष एवं उल्लास के साथ इस सेमिनार में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

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