Earth day-2023: पृथ्वी पर ही जीवन है, बचा लें !

Earth day-2023: अपने दौड़ भाग भरे व्यस्त दैनिक जीवन में हम सब कुछ अपने को ही ध्यान में रख कर सोचते-विचारते हैं और करते हैं। हम यह भूल जाते हैं … Read More

World Women’s day: “तुम मेरी बेटी नहीं बेटा हो, अपने आप को कमजोर मत समझो

World Women’s day: “तुम मेरी बेटी नहीं बेटा हो, अपने आप को कमजोर मत समझो, पुरुषों के कंधे से कंधा मिला कर चलो, औरतों की तरह रोना छोड़ो ,बेटी होकर … Read More

Holi utsav: अस्तित्व की व्याप्ति का उत्सव है होली: गिरीश्वर मिश्र

Holi utsav: प्रकृति के सौंदर्य और शक्ति के साथ अपने हृदय की अनुभूति को बाँटना बसंत ऋतु का तक़ाज़ा है। मनुष्य भी चूँकि उसी प्रकृति की एक विशिष्ट कृति है … Read More

International Mother Language Day-2023: आत्मनिर्भर भारत के लिए चाहिए मातृभाषा में शिक्षा: गिरीश्वर मिश्र

International Mother Language Day-2023: नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को शिक्षा के माध्यम के रूप में अवसर देने पर विचार किया गया है। International Mother Language Day-2023: आज शायद ही … Read More

Mentality of caste politics: जातीय राजनीति की मानसिकता से कब उबरेंगे!

Mentality of caste politics: दलगत राजनीति के चलते एक दूसरे के साथ उठने वाली वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा के बीच नेता गण राजनीति के इस बड़े प्रयोजन से आसानी से आँख … Read More

Provision for education in budget: नये बजट में शिक्षा के लिए प्रावधान नाकाफी हैंः गिरीश्वर मिश्र

Provision for education in budget: भारत का वर्ष 23-24 का राष्ट्रीय बजट अमृत-काल में प्रस्तुत हुआ पहला बजट है। इस अवसर का लाभ लेते हुए सरकार ने इसे भविष्य के … Read More

Education: शिक्षा के लिए संसाधन चाहिए: गिरीश्वर मिश्र

Education: आज के युग में किसी देश की उन्नति बहुत हद तक वहाँ की शिक्षा की गुणवत्ता पर ही निर्भर करती हैं Education: आज के युग में किसी देश की … Read More

74th Republic day: गणतंत्र का आवाहन सुनें !

चौहत्तर साल पहले (74th Republic day) आज ही के दिन भारत की संसद ने देश की शासन व्यवस्था चलाने के लिए एक संविधान स्वीकार किया था जिसने भारत सरकार अधिनियम-1935 … Read More

Bhasha sanchar aur gyan: भाषा, संचार और ज्ञान को चाहिए औपनिवेशिक सोच से मुक्ति: गिरीश्वर मिश्र

Bhasha sanchar aur gyan: भारत की भाषिक विविधता का अद्भुत विस्तार और उसका सहज स्वीकार प्राचीन काल से इस देश में सामाजिक बर्ताव का अहम हिस्सा रहा है। इस विविधता … Read More

New year challenges: नए वर्ष की चुनौतियाँ और सम्भावनाएँ: गिरीश्वर मिश्र

New year challenges: जब हम भारत और उसके कोटि-कोटि जनों के लिए सोचते हैं तो मन में भारत भूमि पर हज़ारों वर्षों की आर्य सभ्यता और संस्कृति की बहु आयामी … Read More