Memories of Pandit Birju Maharaj: कत्थक सम्राट पंडित बिरजू महाराज की अब यादें ही शेष हैँ

Memories of Pandit Birju Maharaj: हालांकि अब उनके घुंघरुओं की मधुर आवाज़ भले ही थम गयी , परन्तु भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में पंडित जी का योगदान चिरस्थाई है.

वाराणसी, 17 जनवरी: Memories of Pandit Birju Maharaj: कत्थक सम्राट पंडित बिरजू महाराज की अब यादें ही शेष हैँ…23, 24 25 सितम्बर 2015…. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ” दिनकर ” की 107 वीं जयंती महोत्सव के अवसर पर पंडित बिरजू महाराज की अद्भुत , अविस्मरणीय प्रस्तुति ने आत्मविभोर कर दिया था. हालांकि अब उनके घुंघरुओं की मधुर आवाज़ भले ही थम गयी , परन्तु भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में पंडित जी का योगदान चिरस्थाई है.

अपने पत्रकारिता जीवन में गत तीन दशकों में मुझे कई बार पंडित बिरजू महाराज का साक्षात्कार और फोटो सेशन करने का अवसर मिला. देश के कई ख्याति संगीत समारोहों में, उनकी अदभुत नृत्य प्रस्तुति के दरमियान, विभिन्न भाव भंगिमाओं के मेरे द्वारा क्लिक किए गये एक्सक्लूसिव फोटोग्राफ, मेरे न्यूज़ फोटो गैलेरी के अमूल्य धरोहर हैं .पंडित जी को अंतिम प्रणाम.

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डॉ राम शंकर सिंह ,वरिष्ठ पत्रकार वाराणसी . 17 जनवरी 2022

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