Traction Department of Rajkot Division

Traction Department of Rajkot Division: राजकोट मंडल के ट्रैक्शन विभाग ने रचा उपलब्धियों का नया कीर्तिमान

​ Traction Department of Rajkot Division: दो नए ट्रैक्शन सब-स्टेशन, डबल लाइन विद्युतीकरण और आधुनिक तकनीकी सुधारों से रेल संचालन हुआ अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय

राजकोट, 12 अप्रैल: Traction Department of Rajkot Division: पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल के ट्रैक्शन वितरण (TrD) विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विकास, सुरक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।

​राजकोट मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीना ने बताया कि वर्ष के दौरान मंडल द्वारा वांकानेर एवं गोरिंजा में दो नए ट्रैक्शन सब-स्टेशन (TSS) सफलतापूर्वक शुरू किए गए। इनसे विभिन्न रेलखंडों में वोल्टेज उतार-चढ़ाव की समस्या दूर हुई है और ट्रेनों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।

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​माल ढुलाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विंडमिल–बेड़ी पोर्ट, रफालेश्वर के पास स्थित गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (GCT) तथा लुणसरिया–नवलखी जैसी महत्वपूर्ण निजी साइडिंगों का विद्युतीकरण पूर्ण कर उन्हें परिचालन में लिया गया है। इससे मालगाड़ियों की औसत गति में सुधार हुआ है और डीजल इंजनों पर निर्भरता कम हुई है। इसके अतिरिक्त, राजकोट–कानालुस डबलिंग परियोजना के अंतर्गत नए डबल लाइन खंडों के विद्युतीकरण से यात्री एवं माल सेवाओं का संचालन और अधिक सुगम हो गया है।

​OHE प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए विभाग ने व्यापक स्तर पर सुधार कार्य किए हैं। इसके अंतर्गत जंगग्रस्त कैंटिलीवर, पुराने ऑटो टेंशनिंग डिवाइस (ATD) और एंडिंग कोन को बदलने के साथ-साथ झुके हुए मास्टों को सीधा किया गया है, जिससे OHE विफलता (Breakdown) की घटनाओं में भारी कमी आई है।

​तटीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने (CB ट्रिपिंग) को रोकने हेतु एंटी-बर्ड डिस्क, नायलॉन मेश, पैकिंग सैडल, हाई क्रीपेज डिस्टेंस इंसुलेटर तथा RRA क्लैंप जैसे आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। तकनीकी नवाचार के तहत टावर वैगन हेतु बेल-आधारित संचार प्रणाली तथा ‘ई-कर्षण’ डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है, जिससे तकनीकी निर्देशों की रियल-टाइम उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

​कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु फुट पेट्रोलिंग स्टाफ को GPS ट्रैकर तथा टावर वैगनों में LED हेडलाइट्स उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही नियमित काउंसलिंग और ‘टूल बॉक्स टॉक’ के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

​इस अवसर पर राजकोट मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ट्रैक्शन वितरण) जितेन्द्र कुमार मंगल तथा उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से रेल परिचालन की सुरक्षा और दक्षता को नई ऊंचाई मिलेगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ यात्रियों और माल ग्राहकों को प्राप्त होगा।