वडोदरा बीडीयू की एक और उपलब्धि के अंतर्गत हजीरा से स्टील का परिवहन हुआ शुरू

पश्चिम रेलवे द्वारा 1.11 लाख टन अत्यावश्यक सामग्री के परिवहन के लिए 500 पार्सल विशेष ट्रेनों का बड़ा ऑंकड़ा पार  

Hajira stee parcel

 कोरोना वायरस के कारण घोषित राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान, पश्चिम रेलवे अपने सर्वोत्तम सम्भव प्रयासों को सुनिश्चित कर रही है, ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई बाधा न आये। इसीलिए इसकी पार्सल विशेष ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार परिचालित हो रही हैं।  लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में पार्सल विशेष ट्रेनें चलाना आसान काम नहीं है, फिर भी पश्चिम रेलवे ने यह परिचालन लगातार जारी रखकर राष्ट्र के प्रति अपनी सम्पूर्ण ज़िम्मेदारी और प्रतिबद्धता को बरकरार रखा है। यह एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि पश्चिम रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न भागों तक अत्यावश्यक सामग्री के परिवहन के लिए 504 पार्सल विशेष ट्रेनों का परिचालन कर 500 पार्सल विशेष ट्रेनों के बड़े ऑंकड़े को पार कर लिया है। इसी क्रम में 31अगस्त, 2020 को अत्यावश्यक वस्तुओं के समुचित परिवहन को  सुनिश्चित करने हेतु पश्चिम रेलवे से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए कुल 6 पार्सल विशेष ट्रेनें रवाना हुईं, जिनमें बांद्रा टर्मिनस से जम्मू तवी, पोरबंदर से शालीमार और देवास से नई दिल्ली के लिए चली पार्सल विशेष ट्रेनों के अलावा करम्बेली से न्यू गुवाहाटी और कॉंकरिया से बेनापोल के लिए चली दो इंडेंटेड ट्रेनें तथा पालनपुर से हिंद टर्मिनल के लिए चली मिल्क स्पेशल ट्रेन शामिल है।

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 पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, द्रुतगामी, सुरक्षित और किफायती लॉजिस्टिक्स की पेशकश के लिए पश्चिम रेलवे के वडोदरा डिवीजन की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट की एक और उपलब्धि के अंतर्गत कृभको रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के गुजरात में स्थित हजीरा प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल से एक नये गंतव्य यानी आंध्र प्रदेश के  मनुबोलु स्टेशन के लिए स्टील का परिवहन शुरू किया गया है। इस परिवहन के माध्यम से  38 लाख रुपये का राजस्व हासिल किया गया है। इस परिवहन के लिए लोडिंग 28 अगस्त, 2020 को की गई थी।

श्री ठाकुर ने बताया कि  23 मार्च से 30 अगस्त, 2020 तक, लगभग 1.11लाख टन वजन वाली वस्तुओं को पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 504 पार्सल विशेष गाड़ियों के माध्यम से ले जाया गया है, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। इस परिवहन के माध्यम से होने वाली राजस्व आय लगभग 36.35 करोड़ रु. रही है। इसके अंतर्गत पश्चिम रेलवे द्वारा 81 दुग्ध विशेष रेलगाड़ियां चलाई गईं, जिनमें 61,500 टन से अधिक भार के साथ वैगनों का 100% उपयोग सुनिश्चित किया गया। इसी तरह, लगभग 37 हज़ार टन आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए 393 कोविड -19 विशेष पार्सल ट्रेनें भी चलाई गईं। इसके अलावा, लगभग 12,800 टन के भार के लिए 100% उपयोग के साथ 30 इंडेंटेड रेक भी चलाये गये। 22 मार्च से 30 अगस्त, 2020 तक लॉकडाउन की अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे पर मालगाड़ियों के 13,423 रेकों का उपयोग 27.96 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है। 26,448 मालगाड़ियों को अन्य क्षेत्रीय रेलों के साथ जोड़ा गया, जिनमें 13,216 ट्रेनें सौंपी गईं और 13,232 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंटों पर ले जाया गया। इन मालगाड़ियों के परिचालन से लगभग 3534 करोड़ रु. का राजस्व हासिल हुआ। 

लॉकडाउन के कारण यात्री राजस्व का नुक़सान

   लॉकडाउन के कारण यात्री ट्रेनें बंद रहने से पश्चिम रेलवे पर उपनगरीय और गैर-उपनगरीय सहित राजस्व का कुल नुकसान 2363 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें 356 करोड़ रु. उपनगरीय खंड पर और 2007 करोड़ रु. गैर उपनगरीय खंड का नुक़सान शामिल है।इसके बावजूद, 1 मार्च से 30 अगस्त,2020 तक टिकटों के निरस्तीकरण के कारण, पश्चिम रेलवे ने 421.39 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है।  उल्लेखनीय है कि इस धनवापसी राशि में, अकेले मुंबई डिवीजन ने 203.20 करोड़ रुपये का रिफंड भुगतान सुनिश्चित किया है। अब तक, 65.11 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे में अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी किराया वापसी राशि प्राप्त की है।

प्रदीप शर्मा,  जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम रेलवे, अहमदाबाद

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