Government Schemes: 11 करोड़ किसानों को मिली फार्मर ID
Government Schemes: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान: लक्ष्य से 5 महीने पहले ही बने 11 करोड़ फार्मर आईडी, कागजी झंझटों से मिली मुक्ति
- डिजिटल कृषि क्रांति: (Government Schemes)अब बिना कागजी भागदौड़ के मिलेगा सरकारी योजनाओं, लोन और बीमा का सीधा लाभ शिवराज सिंह
- ’किसान की अपनी डिजिटल पहचान’: शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई, बोले- आधुनिक तकनीक से समृद्ध बनेगा अन्नदाता
- विकसित भारत के लिए विकसित कृषि: समय पूर्व लक्ष्य हासिल कर कृषि मंत्रालय ने रचा नया कीर्तिमान- शिवराज सिंह
- मोदी सरकार में 11 करोड़ किसानों की बनी विशिष्ट डिजिटल पहचान, बिचौलियों पर लगा अंकुश- शिवराज सिंह चौहान
दिल्ली, 25 अक्टूबर: Government Schemes: देश के कृषि क्षेत्र में एक नए डिजिटल युग का सूत्रपात करते हुए केंद्र सरकार ने निर्धारित समय से पांच महीने पहले ही 11 करोड़ ‘फार्मर आईडी’ (किसान विशिष्ट डिजिटल पहचान) तैयार करने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-समृद्ध किसान’ के विजन की ऐतिहासिक जीत बताया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित ‘डिजिटल कृषि मिशन’ के तहत हासिल की गई यह सफलता देश के अन्नदाताओं को सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, फसल बीमा और आपदा राहत का पारदर्शी एवं त्वरित लाभ बिना किसी कागजी दौड़-धूप के सीधे पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करती है।
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📲 WhatsApp पर शेयर करेंतय समय से 5 महीने पहले रचा गया इतिहास
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 23 अक्टूबर की रात तक देश में 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। (Government Schemes) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्य के लिए 31 मार्च 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसे कृषि मंत्रालय, राज्य सरकारों और मैदानी स्तर के अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से 5 महीने पहले ही हासिल कर लिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “आज का दिन भारतीय खेती और किसानों के लिए ऐतिहासिक है। एक सपना साकार हुआ है, एक संकल्प पूरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए कृषि का विकास और किसान की समृद्धि अनिवार्य है और इसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग सबसे प्रभावी माध्यम है।”
कागजी झंझटों से मुक्ति, पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत
केंद्रीय मंत्री चौहान ने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी बनने के बाद अब किसानों को बार-बार सरकारी दफ्तरों या बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को हर छोटी-बड़ी योजना के लिए बार-बार कागजात जमा करने पड़ते थे जिससे उनका समय और धन दोनों नष्ट होता था। उन्होंने कहा कि अब फार्मर आईडी के माध्यम से- बैंक ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): ऋण प्रक्रिया सुगम होगी और बार-बार दस्तावेजी सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: (Government Schemes) प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में मुआवजे का आंकलन और भुगतान पारदर्शी तरीके से सीधे खाते में होगा। आपदा राहत राशि: संकट के समय राहत सहायता सीधे वास्तविक और पात्र किसानों तक तुरंत पहुंचेगी। फसल उपार्जन (MSP खरीद): न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और सही किसान को उसकी उपज का पूरा मूल्य मिलेगा।
6 करोड़ से अधिक किसानों तक पहले ही पहुंच चुका है लाभ
Government Schemes: केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा 2 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शुरू किए गए ‘डिजिटल कृषि मिशन’ के अंतर्गत तैयार किए जा रहे ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। फार्मर आईडी आधारित सेवा वितरण प्रणाली के जरिए अब तक देश के 6 करोड़ से अधिक किसानों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा चुका है। सत्यापित किसान डेटाबेस को कृषि सेवाओं से जोड़ने से फर्जीवाड़े और दोहरे सत्यापन की समस्या पूरी तरह समाप्त हो रही है। इससे न केवल सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, बल्कि नीति-निर्माण और योजनाओं की वास्तविक निगरानी में भी सुधार आया है।
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सहकारी संघवाद की अनूठी मिसाल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता ‘सहकारी संघवाद’ का उत्कृष्ट उदाहरण है। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने केंद्र सरकार के अधिकारियों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों, जिला स्तर की टीमों तथा गांव-गांव तक काम कर रहे मैदानी कर्मचारियों को बधाई देते हुए धन्यवाद दिया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा बटाईदार किसानों और वास्तविक जोतदारों को भी नियमों के अनुसार इस डिजिटल मंच से जोड़ने की दिशा में विशेष कदम उठाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे।

तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (Minimum Government, Maximum Governance) के सिद्धांत पर चलते हुए किसान रजिस्ट्री को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। फार्मर आईडी केवल एक पहचान पत्र नहीं है, बल्कि यह एक पारदर्शी, जवाबदेह और किसान-हितैषी प्रशासनिक तंत्र की मजबूत बुनियाद है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के सभी किसान भाई-बहनों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक को अपनाएं, बिना किसी परेशानी के अपनी हक की योजनाओं का लाभ उठाएं और भारतीय कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहभागी बनें।

