Rongali Bihu Festival: असम की लोकधारा से अनुप्राणित हुई बीएचयू की सांस्कृतिक संध्या
Rongali Bihu Festival: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सरदार पटेल छात्रावास में में कलाकारों ने किया शानदार प्रदर्शन
- स्टूडेंट्स सोसाइटी ऑफ़ असम, बी एच यू द्वारा आयोजित इस महोत्सव को वी डी ए ने किया महत्वपूर्ण सहयोग
रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 24 अप्रैल: Rongali Bihu Festival; काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित सरदार पटेल छात्रावास उद्यान में आयोजित रोंगाली बिहू महोत्सव ने असम की समृद्ध लोक-संस्कृति, संगीत और जीवन-रस को सजीव करते हुए काशी की सांस्कृतिक चेतना को एक नवस्पंदन प्रदान किया। यह भव्य आयोजन विविध रंगों, सुरों और लयों का ऐसा समागम बना, जिसने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
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📲 WhatsApp पर शेयर करेंकार्यक्रम का विशेष आकर्षण सुप्रसिद्ध गायक नीलोत्पल बोरा की सजीव प्रस्तुति रही, जिनकी सुरमयी आवाज़ से यह सांस्कृतिक संध्या और भी तरंगित हो उठी। उनके लोकप्रिय गीतों पर उपस्थित श्रोताओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिससे पूरा परिसर एक जीवंत सांगीतिक उत्सव में परिणत हो गया।
अवसर पर असम से आने वाले छात्र-छात्राओं ने अपने प्रदेश की लोक-संस्कृति, पारंपरिक वादन, नृत्य एवं कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक पहचान को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति न केवल कला का प्रदर्शन थी, बल्कि असम के लोकजीवन, उसकी संवेदनाओं और सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत दर्पण भी बनी।
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📲 WhatsApp पर शेयर करेंयह आयोजन स्टूडेंट्स सोसाइटी ऑफ असम, बीएचयू द्वारा तथा सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे एकवर्षीय राष्ट्रीय उत्सव भारत वैभव के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें वाराणसी विकास प्राधिकरण ने सहयोगी संस्था के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि “ऐसे कार्यक्रम आपसी बंधुत्व की भावना को मजबूती देते हैं। ऐसे आयोजनों की आवृत्ति बढ़ने से सांस्कृतिक ऐक्य बढ़ता है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने असम के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस महोत्सव की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए छात्रों को शुभकामनाएं दी।
विशिष्ट अतिथि वी सी डब्लू की प्राचार्या प्रो. अलका सिंह ने कहा कि यह सांस्कृतिक संध्या जिस गरिमा व भव्यता से आयोजित की गई, वह प्रशंसा के योग्य है।
बी एच यू के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने असम और उत्तर पूर्व के सांस्कृतिक वैभव पर अपने अनुभव साझा किए। वहीं कला संकाय प्रमुख सुषमा घिल्डियाल ने भी आयोजकों को इस कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाइयां दी।
“भारत वैभव” के संयोजक एवं सरदार पटेल शोध छात्रावास के प्रशासनिक संरक्षक डॉ. धीरेन्द्र राय ने कहा कि, असम की सांस्कृतिक चेतना से स्पंदित यह महोत्सव ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सजीव उदाहरण है।असम स्टूडेंट्स सोसाइटी के अध्यक्ष कल्पज्योति दिहींगिया ने कहा कि असम से आने वाले हम सभी छात्र विश्वविद्यालय, भारत वैभव, व वी. डी. ए. के प्रति आभारी हैं कि उन्होंने हमें ऐसा बड़ा मंच देकर असम की लोक परम्पराओं पर आधारित इस उत्सव को सफल बनाने में हमारी मदद की। ऐसे कार्यक्रम हमारा आत्मविश्वास तो बढ़ाते ही हैं साथ ही भारतीयता की भावना को भी मजबूती देते हैं.
अवसर पर उच्चतर शिक्षा आयोग के सदस्य हरेंद्र राय, काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग के साथ साथ शहर के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा नगरवासी उपस्थित रहे, जिससे यह आयोजन एक व्यापक जनोत्सव के रूप में बदल गया।

