Varun Gandhi

Varun gandhi targets modi government: आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर वरुण गांधी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना, कहा…

Varun gandhi targets modi government: “आजादी की 75वीं वर्षगाँठ का उत्सव गरीबों पर ही बोझ बन जाए तो दुर्भाग्यपूर्ण होगा: वरुण गांधी

नई दिल्ली, 10 अगस्तः Varun gandhi targets modi government: केंद्र सरकार की नीतियो के विरुद्ध आक्रामक रुख अपनाने वाले भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर सरकारी नीतियों पर चोट किया है। इस बार वरुण गांधी ने मोदी सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से गरीबों को हो रहे नुकसान को लेकर ट्वीट किया है। वरुण गांधी अपने इस ट्वीट में इस बार गरीबों की आवाज उठाते हुए दिख रहे हैं।

क्या आपने यह पढ़ा…. Piyush goyal statement: विश्व भारत को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में देखता है: पीयूष गोयल

वरुण गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “आजादी की 75वीं वर्षगाँठ का उत्सव गरीबों पर ही बोझ बन जाए तो दुर्भाग्यपूर्ण होगा। राशन कार्ड धारकों को या तिरंगा खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है या उसके बदले उनके हिस्से का राशन काटा जा रहा है। हर भारतीय के हृदय में बसने वाले तिरंगे की कीमत गरीब का निवाला छीन कर वसूलना शर्मनाक है।

Advertisement

बता दें कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत मोदी सरकार ने 20 करोड़ घरों पर तिरंगा लगाने का फैसला किया है। सरकार के इस अभियान को बीजेपी शासित राज्य भी खूब भुना रहे हैं। इसी बीच हरियाणा में सोशल माडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज में लिखा है कि डिपो धारकों द्वारा राशन डिपो पर बिना झंडे खरीदे राशन नहीं मिलेगा। मैसेज में लिखा है कि डिपो से जुड़े सभी राशन कार्ड धारक 20 रुपये लेकर डिपो पर झंडा लेने पहुंचे। झंडा न लेने वालों को अगस्त महीने का गेहूं नहीं दिया जाएगा।

यह मैसेज हरियाणा में ही नहीं बल्कि वायरल होकर पूरे देश में पहुंच गया। इसके बाद बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने यह ट्वीट किया है। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें लोग कह रहे हैं कि हमारे पास राशन खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं और हम तिरंगा खरीदने के लिए पैसे कहां से लाएं।

Advertisement

गरीबों के राशन को लेकर वरुण गांधी ने कही थी ये बात

वरुण गांधी अपनी ही सरकार की नीतियों को लेकर हमेशा सवाल खड़ करते रहे हैं। गरीबों को राशन दिये जाने को लेकर वरुण गांधी ने 6 अगस्त को एक ट्वीट किया था। उसमें लिखा, “जो सदन गरीब को 5 किलो राशन दिए जाने पर ‘धन्यवाद’ की आकांक्षा रखता है। वही सदन बताता है कि 5 वर्षों में भ्रष्ट धनपशुओं का 10 लाख करोड़ तक का लोन माफ हुआ है। ‘मुफ्त की रेवड़ी’ लेने वालों में मेहुल चोकसी और ऋषि अग्रवाल का नाम शीर्ष पर है। सरकारी खजाने पर आखिर पहला हक किसका है? इसके पहले भी वरुण गांधी महंगाई, बेरोजगारी आदि मुद्दों पर अपनी ही सरकार को घेरते रहे हैं।

Hindi banner 02
देश की आवाज़ की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Advertisement
Copyright © 2022 Desh Ki Aawaz. All rights reserved.