India post payments bank

India post payments bank: इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक देश में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ एक डिजिटल भुगतान बैंक बना

India post payments bank: आईपीपीबी (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) के ग्राहक आधार ने 5 करोड़ के आंकड़े को पार किया

नई दिल्ली, 18 जनवरीः India post payments bank: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) को इसके शुभारंभ के समय देश में वित्तीय समावेशन की सबसे बड़ी पहल कहा था। यह एक ‘डिजिटल-फर्स्ट बैंक’ है, जिसे भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय के तहत भारतीय डाक के व्यापक भौतिक वितरण नेटवर्क की पटरियों पर स्‍थापित किया गया है। इसने अपनी स्थापना से ही डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से अपने वित्तीय समावेशन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में प्रमुख उपलब्धि की घोषणा की है।

आज आईपीपीबी (India post payments bank) ने यह घोषणा की है कि उसने अपने तीन वर्ष के संचालन में पांच करोड़ ग्राहक आधार के स्‍तर को पार कर लिया है और वह देश में तेजी से बढ़ते हुए डिजिटल भुगतान बैंकों में शामिल हो गया है। आईपीपीबी ने लगभग 1.47 लाख डोरस्टेप बैंकिंग सेवा प्रदाताओं की मदद से 1.36 लाख डाकघरों में (इनमें से 1.20 लाख ग्रामीण डाकघरों में) डिजिटल और पेपरलेस मोड में ये पांच करोड़ खाते खोले हैं।

इससे आईपीपीबी (India post payments bank) ने 2,80,000 डाकघर कर्मचारियों की ताकत का लाभ उठाते हुए वित्तीय रूप से जागरूक और सशक्त ग्राहक आधार बनाकर दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम अर्जित किया है। आईपीपीबी ने यह भी कहा कि उसने एनपीसीआई, आरबीआई और यूआईडीएआई की इंटरऑपरेबल पेमेंट्स एंड सेटलमेंट सिस्टम्स के माध्यम से जमीनी स्‍तर पर डि‍जिटल बैंकिंग को अपनाया है और यह 13 से अधिक भाषाओं में डिजिटल बैंकिंग सेवाएं उपलब्‍ध करा रहा है।

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दिलचस्प बात यह है कि कुल खाताधारकों में से लगभग 48 प्रतिशत महिलाएं खाताधारक हैं; जबकि 52 प्रतिशत पुरुष हैं जो यह दर्शाता है कि यह बैंक (India post payments bank) महिला ग्राहकों को बैंकिंग नेटवर्क के तहत लाने पर ध्‍यान केन्द्रित कर रहा है। लगभग 98 प्रतिशत महिलाओं के खाते उनके घर जाकर खोले गए और 68 प्रतिशत से अधिक महिलाएं डीबीटी का लाभ उठा रही हैं। एक अन्‍य उपलब्धि यह है कि आईपीपीबी ने युवाओं को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आकर्षित किया है। 41 प्रतिशत से अधिक खाताधारक 18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग के हैं।

इस महत्‍वपूर्ण अवसर पर डाक विभाग के सचिव, विनीत पांडे ने कहा कि भारतीय डाक में, हम शहरी और ग्रामीण भारत को शामिल करते हुए एक सबसे बड़े वित्तीय समावेशन नेटवर्क बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लागत प्रभावी, सरल, आसान और सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्‍टम उपलब्‍ध कराने वाला और तीन वर्ष की छोटी-सी अवधि में ही पांच करोड़ ग्राहकों तक पहुंच स्‍थापि‍त करने वाला यह मॉडल इसकी सफलता का बयान करता है। हमें खुशी है कि हमने ग्रामीण महिलाओं को उनके घर पर ही बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सशक्त बनाया है।

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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और सीईओ जे. वेंकटरामु ने कहा कि यह बैंक के लिए गर्व का पल है, क्योंकि हम कोविड-19 महामारी के दौरान भी बाधारहित बैंकिंग और जी2सी सेवाएं उपलब्‍ध कराते हुए इस उपभोक्‍ता आधार का निर्माण करते हुए मजबूती से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैंक लोगों को उनके घर पर ही पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बैंकिंग प्‍लेटफॉर्म पर सेवा प्रदान करने के लिए अपने उपभोक्‍ता अधिग्रहण को बढ़ाने में सक्षम रहा है। उत्पादों और सेवाओं के सहयोग और सह-सृजन के माध्यम से यह बैंक ग्रामीण, कम-बैंकिंग वाले और गैर-बैंकिंग नागरिकों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दृष्टिकोण के साथ, आईपीपीबी अपने मूल विभाग, डाक विभाग की ताकत का लाभ उठाने में सक्षम रहा है और इसने पूरे देश में वित्तीय समावेशन परिदृश्य को लगातार बदला है और नया आकार प्रदान कर रहा है। निकट भविष्य में, हमारा प्रयास जेएएम, सहमति जैसे इंडिया स्टैक का लाभ उठाकर घर द्वार पर क्रेडिट सहित विभिन्न नागरिक-केन्द्रित वित्तीय सेवाएं प्रस्‍तुत करने वाला एकीकृत सेवा मंच बनाने का है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में कुछ जानकारी:

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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना डाक विभाग, संचार मंत्रालय के तहत की गई है। इसकी 100 प्रतिशत इक्विटी भारत सरकार के स्‍वामित्‍व में है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 1 सितम्‍बर, 2018 को आईपीपीबी का शुभारंभ किया था। देश में आम आदमी को सबसे सुलभ, किफायती और विश्‍वसनीय बैंक बनाने के दृष्टिकोण से इस बैंक की स्‍थापना की गई थी। आईपीपीबी का मूल उद्देश्य गैर-बैंकिंग और कम-बैंकिंग वाले लोगों के लिए बाधाओं को दूर करना और पोस्‍टल नेटवर्क का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है।

आईपीपीबी की पहुंच और इसके परिचालन मॉडल को इंडिया स्टैक- ग्राहकों के घर पर पेपरलेस, कैशलेस और उपस्थिति रहित बैंकिंग को सरल और सुरक्षित तरीके से सक्षम बनाने के दृष्टिकोण पर स्‍थापित किया गया है। इसके लिए एक सीबीएस-एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक उपकरण का उपयोग किया जाता है। मितव्‍ययी नवाचारों का लाभ उठाते हुए और लोगों के लिए बैंकिंग को सरल बनाने पर ध्‍यान देते हुए आईपीपीबी 13 भाषाओं में उपलब्ध सहज ज्ञान युक्त इंटरफेस के माध्यम से सरल और सुविधाजनक बैंकिंग समाधान प्रदान करता है।

आईपीपीबी कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के विजन में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत तब ही समृद्ध होगा जब इसके प्रत्येक नागरिक को वित्तीय रूप से सुरक्षित और सशक्त बनने का समान अवसर उपलब्‍ध होगा। हमारा आदर्श वाक्य ‘प्रत्येक ग्राहक महत्वपूर्ण है; प्रत्येक लेन-देन महत्वपूर्ण है और प्रत्येक जमाराशि मूल्यवान है’ – सत्‍य है। आईपीपीबी के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट (www.ippbonline.com) देखें।

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