Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें भारत में दिखेगा या नहीं – पूरी जानकारी
Chandra Grahan 2026: सूतक काल, समय और 12 राशियों पर प्रभाव—यहां पढ़ें पूरी जानकारी

धर्म डेस्क, 20 फरवरी: Chandra Grahan 2026: मार्च 2026 की शुरुआत खगोलीय दृष्टि से खास रहने वाली है। इस साल 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे वर्ष का प्रमुख चंद्र ग्रहण माना जा रहा है। खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही नजरियों से यह घटना महत्वपूर्ण मानी जाती है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं और इसका सूतक काल कब से मान्य होगा।
खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से होगा। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह चंद्र ग्रहण भारत में पूर्ण रूप से दृश्य नहीं होगा। जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल मान्य नहीं माना जाता। इसलिए भारत के अधिकांश हिस्सों में सूतक को लेकर किसी प्रकार की पाबंदी लागू होने की संभावना कम है।
ग्रहण का संभावित समय (Chandra Grahan 2026)
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण दोपहर से शाम के बीच के समय में पड़ सकता है (अंतिम समय आधिकारिक खगोलीय अपडेट से स्पष्ट होगा)। ग्रहण का प्रभाव अलग-अलग देशों में अलग समय पर दिखाई देगा।
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क्या होता है सूतक काल
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस अवधि में पूजा-पाठ, मंदिरों के पट खोलना और शुभ कार्यों को टालने की परंपरा रही है। हालांकि, यह नियम उसी स्थान पर लागू होता है जहां ग्रहण दृश्य हो।
12 राशियों पर संभावित प्रभाव
ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है।
- मेष, सिंह और धनु राशि वालों को सतर्क रहकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।
- वृष, कन्या और मकर राशि के लिए समय सामान्य रहने के संकेत हैं।
- मिथुन, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए नए अवसर बन सकते हैं।
- कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों को भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
(नोट: यह ज्योतिषीय आकलन है, व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार प्रभाव अलग हो सकता है।)
क्या रखें सावधानियां
यदि आपके क्षेत्र में ग्रहण दिखाई दे, तो परंपरा के अनुसार ग्रहण के दौरान भोजन न करने, मंत्र जाप करने और ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-दान करने की मान्यता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से सामान्य दिनचर्या पर कोई प्रभाव नहीं माना जाता।
फिलहाल 3 मार्च 2026 के चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ रही है। ग्रहण का सटीक समय और दृश्यता खगोलीय संस्थानों की अंतिम अपडेट के बाद और स्पष्ट हो जाएगी।

चंद्र ग्रहण 2026 को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। खगोल विज्ञान के अनुसार यह एक सामान्य लेकिन रोचक खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है, इसलिए लोग इसके समय और सूतक काल की जानकारी पहले से जानना चाहते हैं।
यदि आप चंद्र ग्रहण को देखना चाहते हैं तो अपने क्षेत्र का मौसम अपडेट जरूर देखें। साफ आसमान होने पर यह नजारा आसानी से देखा जा सकता है। ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों और अपडेट के लिए Desh ki Aawaz के साथ जुड़े रहें।
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