Rajkot Goods Shed: राजकोट गुड्स शेड से पहली बार आयोडाइज्ड नमक की लोडिंग
Rajkot Goods Shed: 20 वैगनों में करीब 1,260 मीट्रिक टन नमक बिहार के फतुहा भेजा गया; रेलवे को ₹27 लाख की आय
🔥 इस खबर को WhatsApp पर जरूर शेयर करें 📲
📲 WhatsApp पर शेयर करेंराजकोट, 04 नवम्बर: Rajkot Goods Shed: पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राजकोट गुड्स शेड में पहली बार आयोडीनयुक्त नमक (Iodised Salt) की लोडिंग की गई। 14 अक्टूबर 2026 को 20 वैगनों में लगभग 1,260 मीट्रिक टन आयोडीनयुक्त नमक लोड करके बिहार के फतुहा के लिए रवाना किया गया। लगभग 1,876 किलोमीटर की दूरी के लिए की गई इस माल ढुलाई से रेलवे को लगभग ₹27 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
राजकोट मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीना के अनुसार इस माल खेप का संचालन सीटीए लॉजिस्टिक्स लिमिटेड द्वारा किया गया, जबकि मेसर्स निरमा लिमिटेड इस खेप की प्रेषक (Consignor) एवं प्राप्तकर्ता (Consignee) कंपनी है।
यह भी पढ़ें:- Huma Qureshi: हुमा कुरैशी का पेरिस में स्टाइलिश अंदाज़
राजकोट गुड्स शेड में पहली बार आयोडीनयुक्त नमक की लोडिंग राजकोट मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (Business Development Unit – BDU) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सतत प्रयासों का परिणाम है। वाणिज्यिक एवं परिचालन विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी समन्वय, व्यापारिक संभावनाओं की पहचान तथा नई वस्तुओं को रेल परिवहन से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए। इन समन्वित प्रयासों से एक नई वस्तु की लोडिंग संभव हुई, जिससे मंडल के माल यातायात के विस्तार और राजस्व वृद्धि को प्रोत्साहन मिला है।
Shop your favourites at exciting prices.
राजकोट मंडल द्वारा नए ग्राहकों को रेलवे से जोड़ने, विभिन्न वस्तुओं की लोडिंग की संभावनाओं का पता लगाने तथा व्यापारिक संस्थानों को रेल परिवहन के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसी पहल से रेलवे के मालभाड़ा राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ व्यापारिक संस्थानों को लंबी दूरी तक माल परिवहन के लिए रेल सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर मिलता है।
राजकोट मंडल के मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना ने कहा, “राजकोट गुड्स शेड से पहली बार आयोडीनयुक्त नमक की लोडिंग हमारे बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के सतत प्रयासों और वाणिज्यिक एवं परिचालन विभागों के उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। ऐसे प्रयास नए माल यातायात के अवसर सृजित करने और रेलवे के राजस्व में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

