Sara Ali Khan Fatwa: सारा अली खान के केदारनाथ दर्शन पर बरेली के मौलाना ने जारी किया फतवा
Sara Ali Khan Fatwa: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अभिनेत्री के मंदिर में पूजा-पाठ और प्रार्थना करने को शरीयत के खिलाफ बताया। बयान के बाद धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर चर्चा तेज हो गई।
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📲 WhatsApp पर शेयर करेंमनोरंजन डेस्क, 31 अक्टूबर: Sara Ali Khan Fatwa: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान एक बार फिर अपने केदारनाथ मंदिर दौरे को लेकर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अभिनेत्री के मंदिर में दर्शन और पूजा-पाठ करने पर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ फतवा जारी किया है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्हें कई मुस्लिम युवाओं ने सारा अली खान के केदारनाथ जाने और वहां प्रार्थना करने को लेकर सवाल पूछे थे। इसी के जवाब में उन्होंने शरीयत के नजरिए से अपनी राय रखी।
क्या कहा मौलाना ने?
#WATCH | Bareilly, Uttar Pradesh: All India Muslim Jamaat National President Maulana Shahabuddin Razvi Barelvi says, "I have received information, and many young Muslims have also asked me regarding actress Sara Ali Khan visiting the Kedarnath Temple and offering prayers. Is this permissible in light of Sharia, and does Sharia allow for such actions? Regarding this, I would like to clarify the perspective of Islamic Sharia and what its ruling is on this matter. For any Muslim, whether a man or a woman, to participate in the faith of another religion, offering prayers and performing religious rituals, is considered impermissible (najayaz) under Sharia. Such actions are not permitted… Therefore, if Sara Ali Khan performed these acts—visiting the Kedarnath Temple, offering prayers, and seeking blessings—of her own free will and volition, then she has committed a sin—an act that is haram…"
— ANI (@ANI) October 30, 2026
मौलाना के अनुसार, (Sara Ali Khan Fatwa) इस्लामिक शरीयत के तहत किसी मुस्लिम महिला या पुरुष का दूसरे धर्म की धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ करना जायज नहीं है। उन्होंने सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में पूजा और प्रार्थना करने को ‘नाजायज’ और ‘हराम’ बताया। साथ ही अभिनेत्री को अल्लाह से माफी मांगने और तौबा करने की सलाह दी।
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25 अक्टूबर को केदारनाथ पहुंची थीं सारा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, (Sara Ali Khan Fatwa) सारा अली खान 25 अक्टूबर को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ मंदिर पहुंची थीं। इस दौरान वह दर्शन के लिए लगी कतार में खड़ी नजर आईं। दर्शन और प्रार्थना के बाद उनकी हाथ जोड़कर खड़ी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए।
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मंदिर में प्रवेश के लिए जमा किया था शपथ-पत्र
इस मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की प्रक्रिया भी चर्चा में आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रंगार ने बताया कि सारा अली खान की टीम ने उनके दौरे से पहले आवश्यक शपथ-पत्र जमा कराया था।
फतवे के बाद उठे सवाल
मौलाना के बयान के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक आस्था, दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों पर जाने की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद को लेकर बहस शुरू हो गई है। कई लोगों ने अभिनेत्री के निजी धार्मिक निर्णय का समर्थन किया है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फतवा किसी धार्मिक विद्वान की धार्मिक राय होती है, अदालत का आदेश या कानूनी सजा नहीं। मौलाना का बयान उनकी शरीयत संबंधी व्याख्या है, इसे सभी मुस्लिम समुदायों की एकमत राय नहीं माना जाना चाहिए। खबर प्रकाशित होने तक सारा अली खान या उनकी टीम की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

