Railway Signals: वांकानेर–नवलखी सेक्शन में सिग्नलों का स्थानांतरण: संरक्षा और संचालन दक्षता को मिलेगा बल
राजकोट, 21 अप्रैल: Railway Signals: पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल द्वारा रेलवे संरक्षा एवं सुचारु ट्रेन संचालन को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वांकानेर–नवलखी सेक्शन में अप्रैल 2026 के दौरान कुल 8 राइट हैंड साइड (RHS) सिग्नलों को लेफ्ट हैंड साइड (LHS) में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है।
राजकोट मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीना के अनुसार, इस कार्य में प्रमुख रूप से मोरबी, बरवाला रोड, दहिसरा तथा एलसी-64 (बरवाला रोड–दहिसरा) जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
यह तकनीकी उन्नयन भारतीय रेलवे के मानकों के अनुरूप किया गया है, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित, सुचारु एवं दक्ष बन सके।
सिग्नल शिफ्टिंग के प्रमुख लाभ :
- सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि : LHS में सिग्नल स्थापित होने से SPAD (Signal Passed At Danger) की संभावना में कमी आती है, जिससे ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित बनता है।
- समय पर निर्णय लेने में सहायक : सिग्नल की स्पष्ट एवं समय से पूर्व दृश्यता के कारण लोको पायलट को ब्रेक लगाने एवं गति नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त समय मिलता है, जिससे आकस्मिक ब्रेकिंग की आवश्यकता कम होती है।
- लोको पायलट के लिए बेहतर दृश्यता : लेफ्ट साइड पर सिग्नल होने से यह चालक की सीधी दृष्टि में आता है तथा दृश्यता बाधित होने की संभावना न्यूनतम रहती है।
- मानकीकरण (Standardization): भारतीय रेलवे में अधिकांश सिग्नल LHS पर स्थापित होते हैं, जिससे सभी सेक्शनों में एकरूपता बनी रहती है और लोको पायलट के लिए संचालन सहज होता है। सुरक्षित रेल संचालन की दिशा में एक मजबूत कदम :
इस अवसर पर राजकोट मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना ने कहा, “वांकानेर–नवलखी सेक्शन में सिग्नलों को राइट हैंड साइड से लेफ्ट हैंड साइड में स्थानांतरित करना रेलवे सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार के तकनीकी सुधारों से न केवल लोको पायलट को बेहतर दृश्यता मिलती है, बल्कि ट्रेनों के सुरक्षित, विश्वसनीय एवं सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।”

