Mega Train Rajkot Division: राजकोट डिवीजन की बड़ी उपलब्धि: मेगा ट्रेन ने 306 किमी की दूरी तय की
Mega Train Rajkot Division: राजकोट मंडल ने विंडमिल से पहली लॉन्ग हॉल “मेगा ट्रेन” के सफल संचालन के साथ हासिल की बड़ी उपलब्धि; 306 किमी की दूरी तय की
- एकल क्रू संचालन से क्षमता में वृद्धि, लागत में कमी और माल ढुलाई की गति में हुई बढ़ोतरी
राजकोट, 26 मार्च: Mega Train Rajkot Division: पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल ने विंडमिल (जामनगर के पास) से अपनी पहली लॉन्ग-हॉल “मेगा मालगाड़ी” का सफलतापूर्वक संचालन करके एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। 87 वैगनों वाली इस ट्रेन को दो मालगाड़ियों को जोड़कर एक सिंगल लॉन्ग-हॉल ट्रेन के रूप में तैयार किया गया था। यह माल ढुलाई क्षमता, परिचालन दक्षता और संसाधनों के इष्टतम उपयोग की दिशा में एक बड़ी प्रगति है। इस पहली लॉन्ग-हॉल “मेगा ट्रेन” के संचालन से मंडल को लगभग 40 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ।
यह लॉन्ग-हॉल ट्रेन 24 मार्च, 2026 को विंडमिल (जामनगर के पास) से अहमदाबाद मंडल के कटोसन रोड तक चलाई गई, जिसने लगभग 306 किमी की दूरी 30.50 किमी/घंटा की औसत गति से तय की। यह सफल संचालन मंडल की तकनीकी क्षमता, सूक्ष्म नियोजन और प्रभावी अंतर-मंडलीय समन्वय को प्रदर्शित करता है।
87 वैगनों का एकीकृत गठन:
लॉन्ग-हॉल ट्रेन को दो मालगाड़ियों (रेक) को एक साथ जोड़कर तैयार किया गया था:
प्रथम खंड: 45 कंटेनर वैगन
द्वितीय खंड: 42 कवर्ड वैगन
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इस एकीकृत गठन ने एक ही फेरे में अधिक मात्रा में माल परिवहन को सक्षम बनाया, जिससे कई ट्रेन पथों (Train Paths) की आवश्यकता कम हो गई और संपत्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ।
कुशल एकल क्रू संचालन:
लॉन्ग-हॉल ट्रेन, जिसके लिए सामान्यतः दो अलग-अलग मालगाड़ियों के लिए दो क्रू की आवश्यकता होती, उसे पूरी यात्रा के दौरान केवल एक क्रू द्वारा संचालित किया गया। यह क्रू के इष्टतम उपयोग, बेहतर परिचालन दक्षता और प्रभावी संसाधन प्रबंधन का प्रमाण है।
प्रमुख लाभ:
लॉन्ग-हॉल मालगाड़ियों के संचालन से कई लाभ मिलते हैं:
1) कई रेक के लिए एक ही पथ का उपयोग करके लाइन क्षमता में वृद्धि।
2) थ्रूपुट और माल ढोने की क्षमता में बढ़ोतरी।
3) कम ठहराव के कारण पारगमन समय (Transit Time) में कमी।
4) लागत दक्षता और रेल परिवहन की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार।
5) कई क्रू की आवश्यकता को घटाकर एक क्रू तक सीमित कर क्रू उपयोग का अनुकूलन।
राजकोट मंडल रेल प्रबंधक, गिरिराज कुमार मीना ने कहा कि इस लॉन्ग-हॉल “मेगा ट्रेन” का सफल संचालन माल ढुलाई दक्षता में सुधार के प्रति मंडल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और देश के आर्थिक विकास में उसकी भूमिका को और सुदृढ़ करता है।
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