MKKN: गुजरात की मुख्यमंत्री कन्या केळवणी निधि योजना से “व्हाइट कोट” फीमेल वॉरियर्स को मिल रहा भारी प्रोत्साहन

MKKN: गुजरात सरकार ने बजट 2023-24 में MKKN के लिए किया ₹140 करोड़ का आवंटन

गांधीनगर, 10 जून: MKKN: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा महिला-केंद्रित विकास को आगे बढ़ाने की बात करते हैं। महिला सशक्तिकरण को लेकर एक बार उन्होंने कहा था, “21वीं सदी के भारत के तेज विकास के लिए यह जरूरी है कि महिलाओं का भी विकास तेज हो और सभी संबंधित क्षेत्रों में हमारी माताएँ-बहनें सशक्त बनें।” प्रधानमंत्री के इन्हीं विचारों से प्रेरणा लेते हुए गुजरात ने भी हमेशा से अपनी विकास योजनाओं में महिलाओं के केंद्र में रखा है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, प्रधानमंत्री के इसी विचार पथ पर आगे बढ़ते हुए राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने और विशेष रूप से राज्य की हर बालिका को शिक्षा मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए हर संभव व ठोस प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य की शाला प्रवेशोत्सव, कन्या केळवणी, मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना, कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय जैसी योजनाओं ने राज्य में बेटियों की शिक्षा की दशा व दिशा को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है।

गुजरात सरकार की एक बहुत ही सफल, मुख्यमंत्री कन्या केळवणी निधि योजना है जिसने राज्य की प्रतिभावान बेटियों को MBBS की पढ़ाई यानी डॉक्टर बनने में बड़ा योगदान दिया है। राज्य की ऐसी प्रतिभावान बेटियाँ जो MBBS में पढ़ाई कर मेडिकल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं, उन्हें यह योजना बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

गुजरात सरकार की यह योजना बहुत ही सफल रही है और इसने राज्य की 15,425 प्रतिभावान बेटियों को MBBS की पढ़ाई में सहायता की है। आपको बता दें, गुजरात की इस योजना को साल 2017-18 में लागू किया गया था और अब तक इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 436 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर 15,425 मेधावी बेटियों को MBBS में अध्ययन के लिए आर्थिक सहायता दी गई है।

इस योजना का लाभ ऐसी महिला छात्राएँ ले सकती हैं जिन्होंने NEET की परीक्षा में MBBS के लिए क्वालीफाई कर लिया है और साथ ही उनकी परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपए तक है। इस योजना के तहत पात्र महिला छात्राओं की MBBS की पढ़ाई में लगने वाली फीस का 50% फीस राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाता है। उल्लेखनीय है कि, उपरोक्त दी गई लाभार्थियों की संख्या में से 4,674 वे महिला लाभार्थी हैं जो समाज के कमजोर वर्ग से आती हैं।

गुजरात सरकार की इस योजना की प्रशंसा करते हुए SBKS मेडिकल इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, बड़ौदा में पढ़ने वाली लाभार्थी प्रजापति नेहलबेन नटवरभाई कहती हैं, “मुख्यमंत्री कन्या केळवणी निधि योजना के कारण मैं डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने में सफल हो सकी हूं।

मैं आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि से आती हूँ और आप जानते हैं कि MBBS की पढ़ाई में बहुत पैसा खर्च होता है। जब मुझे इस योजना के बारे में पता चला तो मैंने इसके लिए आवेदन दिया। राज्य सरकार ने मेरी MBBS की पढ़ाई के लिए छात्रवृति के रूप में 27,64,000 रुपए फीस दी है जो एक बहुत बड़ी राशि है। मैं, इसके लिए राज्य सरकार की हमेशा आभारी रहूँगी।”

इस योजना का लाभ राज्य की अधिक से अधिक बेटियों मिलता रहे, इस उद्देश्य के साथ भूपेन्द्र पटेल की सरकार ने वर्ष 2023-24 के बजट में मुख्यमंत्री कन्या केळवणी योजना (MKKN) के लिए 140 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इससे राज्य के 39 मेडिकल कॉलेजों में MBBS में पढ़ाई करने वाली प्रतिभावान छात्राओं को अपनी पढ़ाई को पूरा करने में मदद मिलेगी।

गुजरात सरकार की यह पहल इसलिए भी प्रशंसनीय है क्योंकि हमारे देश में अक्सर लैंगिक असमानता के कारण बेटियों को उनके अधिकार और अवसर अक्सर नहीं मिल पाते। गुजरात सरकार के ऐसे प्रयास महिलाओं की प्रतिभा को सही स्थान व सही पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं।

यह उल्लेखनीय है कि भूपेंद्र पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार करते हुए महिला-केंद्रित विकास के लिए उच्चतम बजट आवंटित किया है। यह राज्य में ‘नारी शक्ति’ के उत्थान के प्रति गुजरात सरकार के समर्पित प्रयासों और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस प्रकार, यह ठीक ही कहा गया है कि यदि आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं, तो आप एक व्यक्ति को शिक्षित करते हैं। लेकिन अगर आप एक महिला को शिक्षित करते हैं तो आप पूरे समाज को शिक्षित करते हैं।

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