Hanged case: आजादी के बाद यह पहली महिला है जिसे फांसी होगी, जानिए क्या है वजह

Hanged case

मथुरा, 17 फरवरी। प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही 7 परिजनों को कुल्हाडी से मौत के घाट उतारनेवाली महिला को इस वर्ष फांसी दी जायेगी। मथुरा जेल में महिला को फांसी (Hanged case) देने की जेल प्रशासन ने तैयारियाँ शुरू कर दी है। अमरोहा की महिला शबनम को फांसी दी जायेगी। निर्भया कांड के दोषियों को फांसी पर लटकानेवाले पवन जल्लाद ने फांसी घर का निरीक्षण भी कर लिया है।

हालांकि फांसी की तारीख तय नहीं की गई है। अगर शबनम को फांसी होती है तो देश की आजादी के बाद किसी महिला को फांसी (Hanged case) का यह पहला मामला होगा। दोषी शबनम ने सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी। जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने फैसला यथावत रखा है। शबनम और सलीम की दयायाचिका भी राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है। यह महिला बरेली में तो सलीम आग्रा जेल में बंद है।

उल्लेखनीय है कि मथुरा जेल में 150 साल के पहले महिला फांसी (Hanged case) घर बनाया गया था। अभी तक यहाँ किसी भी महिला को फांसी पर नहीं लटकाया गया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक अभी फांसी की तारीख तय नहीं है। लेकिन तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। रस्सी के लिए ऑर्डर भी दे दिया गया है। डेथ वारंट जारी होते ही शबनम और सलीम को फांसी दे दी जायेगी। हालांकि सलीम को फांसी कहां दी जायेगी अभी तक तय नहीं है।

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