Anti Drug Operation: ड्रग्स के खिलाफ NCB का बड़ा एक्शन, 3 राज्यों में 38 ठिकानों पर छापेमारी
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, (Anti Drug Operation) हमारी एजेंसियों ने असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 जगहों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल को ध्वस्त किया
यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2029 तक नशीले पदार्थों के हर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है
- Anti Drug Operation: केन्द्रीय गृह मंत्री ने केन्द्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस बलों वाली एंटी-नारकोटिक्स टीम को बधाई दी
- इस ऑपरेशन में 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला, 1,424 बैंक खाते फ्रीज किए गए और 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई
- 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद जब्त और 18 लोग गिरफ्तार किए गए
- यह नेटवर्क ‘ Death Triangle Corridor’ के जरिए भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं से नशीले पदार्थों की तस्करी करता था
- ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)’ के अनुरूप, यह ऑपरेशन केवल नशीले पदार्थों को जब्त करने के बजाय, पूरे नेटवर्क को तोड़ने और उनके वित्तीय स्रोतों को नष्ट करने की नई रणनीति पर केन्द्रित है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोहों को जड़ से खत्म किया जा सके
- नशीले पदार्थों के इन तस्कर गिरोहों का पूरी तरह से खात्मा होने तक भारत इन पर कड़ा प्रहार करता रहेगा
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📲 WhatsApp पर शेयर करेंby PIB Delhi, 25 अक्तूबर: मोदी सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ बड़ा प्रहार किया। (Anti Drug Operation) NCB द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत 38 टीमों ने असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ 38 जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और जब्ती-केंद्रित कार्रवाई से आगे बढ़कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति के अनुरूप है।
तीनों राज्यों में केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ एवं वित्तीय सिंडिकेट के खिलाफ बड़े पैमाने पर संयुक्त अभियान चलाया। ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)’ के अनुरूप, ऑपरेशन ट्राइडेंट केवल नशीले पदार्थों को जब्त करने के बजाय, पूरे नेटवर्क को तोड़ने और उनके वित्तीय स्रोतों को नष्ट करने की नई रणनीति पर केन्द्रित है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोहों को जड़ से खत्म किया जा सके।
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का ड्रग्स के खिलाफ कड़ा प्रहार जारी है। हमारी एजेंसियों ने असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 जगहों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला, 1,424 बैंक खाते फ्रीज किए गए और 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। ऑपरेशन के दौरान, 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद जब्त किए गए और 18 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
शाह ने कहा कि यह नेटवर्क ‘ Death Triangle Corridor’ के जरिए भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं से नशीले पदार्थों की तस्करी करता था। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2029 तक नशीले पदार्थों के हर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। नशीले पदार्थों के इन तस्कर गिरोहों का पूरी तरह से खात्मा होने तक भारत इन पर कड़ा प्रहार करता रहेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने केन्द्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस बलों वाली एंटी-नारकोटिक्स टीम को बधाई दी।
‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 23 अक्टूबर 2026 की सुबह ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ का नेतृत्व किया। विभिन्न एजेंसियों के बीच असाधारण समन्वय का प्रदर्शन करते हुए, NCB ने मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ सटीक तालमेल स्थापित कर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के संचालन तंत्र और वित्तीय आधार को ध्वस्त करने के लिए व्यापक एवं एक साथ कार्रवाई शुरू की।
‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ मिजोरम में मादक पदार्थों के बड़े तस्करों और उनके सहयोगियों को निशाना बनाने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने तथा अभियान की योजना बनाने में विभिन्न संस्थानों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का एक आदर्श उदाहरण है। केन्द्रीय और राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के बीच कई दिनों तक गोपनीय खुफिया सूचनाओं के एकीकरण, संयुक्त रूप से लक्ष्यों की पहचान और उच्चस्तरीय बैठकों के बाद सावधानीपूर्वक इस अभियान की योजना बनाई गई। इसका उद्देश्य तस्करी गिरोहों के लॉजिस्टिक्स केंद्रों और उनके अवैध वित्तीय नेटवर्क पर एक साथ प्रहार करना था।
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एकीकृत कमान संरचना के तहत सटीक रणनीति के साथ कार्रवाई करते हुए पूर्वोत्तर के तीन राज्यों, असम, मिजोरम और मणिपुर में पहले से चिह्नित 38 स्थानों पर विभिन्न एजेंसियों की 38 संयुक्त टीमों ने एख साथ काम किया। इस समन्वित कार्रवाई के तहत प्रमुख शहरी केंद्रों और संवेदनशील सीमावर्ती गलियारों को व्यापक रूप से कवर किया गया। इनमें मिजोरम के आइजॉल, चम्फाई और भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित रणनीतिक व्यापारिक कस्बा जोखॉथर शामिल थे।
इसके साथ ही मणिपुर के चूड़ाचांदपुर और असम के कछार क्षेत्र के ट्रांज़िट कॉरिडोर में स्थित संबंधित ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और व्यापक क्षेत्र में फैले अभियान के बावजूद, विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय सुनिश्चित किया गया। इसके परिणामस्वरूप सभी तलाशी, पूछताछ और वित्तीय ऑडिट एक साथ संपन्न किए गए, जिससे संदिग्धों को फरार होने या अवैध संपत्तियों को छिपाने का अवसर नहीं मिला।
संक्षिप्त पृष्ठभूमि: अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश
यह बहु-राज्यीय अभियान NCB, मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उन मामलों में की गई निरंतर खुफिया-आधारित जांच का परिणाम है, जिनमें पूरे नेटवर्क की 360 डिग्री जांच के लिए आगे और पीछे के संपर्कों की पड़ताल की गई। लगातार की गई जांच से म्यांमार स्थित सरगना थांगसिंतुआंग उर्फ चिंतुआंग उर्फ त्लुआंगा के नेतृत्व वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ। NCB, चम्फाई पुलिस और मिजोरम आबकारी विभाग में NDPS अधिनियम के तहत दर्ज 10 से अधिक मामलों में वह वांछित है। वह म्यांमार–मिजोरम–मणिपुर–असम–त्रिपुरा गलियारे के जरिए मेथामफेटामाइन और हेरोइन की भारत के मुख्य भूभाग और बांग्लादेश में सीमा पार तस्करी का संचालन करता था। जांच के पिछले चरणों में इस गिरोह के कई प्रमुख स्तंभों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया गया, जिनमें शामिल हैं:
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– थांगसिंतुआंग उर्फ चिंतुआंग उर्फ त्लुआंगा (सरगना): विभिन्न राज्यों में गहन निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और लगातार कार्रवाई के बाद उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
– वुंगखानथॉना (प्रमुख सहयोगी): वह म्यांमार से आने वाली खेपों की आवाजाही और डिलीवरी का समन्वय करने वाला करीबी सहयोगी था। उसे गिरफ्तार किया गया और बाद में कठोर PIT-NDPS अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया।
– ललरमपारी (प्रमुख हवाला संचालक): इसे NCB ने 08.08.2024 को गिरफ्तार किया। जांच में इस नेटवर्क से जुड़े लगभग ₹100 करोड़ के अवैध हवाला लेनदेन का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को फ्रीज किया गया।
– अबू सालेह उर्फ सैफुद्दीन (असम कॉरिडोर में लॉजिस्टिक्स प्रमुख): इसे 20.11.2025 को असम के कछार से गिरफ्तार किया गया। वह असम कॉरिडोर में मादक पदार्थों की ढुलाई का समन्वय करने वाला प्रमुख भारतीय संचालक था और NDPS अधिनियम के तहत दर्ज कई मामलों से जुड़ा था।
इस सफल कार्रवाई के दौरान विस्तृत वित्तीय विश्लेषण और डिजिटल फॉरेंसिक जांच से सहयोगियों, मुखौटा कंपनियों और धन हस्तांतरित करने वाले बिचौलियों का एक व्यापक नेटवर्क सामने आया। इसी के मद्देनजर ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत बड़े पैमाने पर समन्वित कार्रवाई की गई।

