lucknow

150th birth anniversary of Sant Gadge: संत गाडगे जी महाराज की 150 वीं जयंती समारोह

150th birth anniversary of Sant Gadge: समारोह मे प्रदेश सरकार कैबिनेट मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह, दया शंकर सिंह सहित कई प्रमुख लोग हुए उपस्थित

रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 23 फरवरी:
150th birth anniversary of Sant Gadge: स्वच्छता के जनक राष्ट्रसंत संत गाडगे जी महाराज की 150वीं जयंती समारोह सम्पन्न हुई. समारोह का आयोजन विश्वेश्वरैया सभागार, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय मे हुई. इस समारोह में विभिन्न जनपदों से आए एमएलसी प्रतिनिधिगण, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, धोबी समाज के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रदेश के सभी जनपदों से भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही.

अवसर पर स्वतंत्र देव सिंह (मंत्री, जल शक्ति विभाग, उत्तर प्रदेश), दयाशंकर सिंह, (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश), अरविंद कुमार शर्मा (मंत्री, नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग, उत्तर प्रदेश), उप मुख्यमंत्री, बृजेश पाठक की धर्मपत्नी श्रीमती नम्रता पाठक, श्री सुनील भराला (पूर्व राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश) तथा परमपूज्य अशोक महाराज, (पीठाधीश्वर) की गरिमामयी उपस्थिति हुई. समारोह का संचालन बालकृष्ण चौधरी ने कुशलतापूर्वक किया तथा उक्त कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, सदस्य विधान परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया, जिन्होंने राष्ट्रसंत के जीवन-दर्शन को जीवंत एवं प्रभावशाली ढंग से किया.

150th birth anniversary of Sant Gadge: राष्ट्रसंत गाडगे महाराज, ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा, स्वच्छता जागरण, शिक्षा प्रसार, अंधविश्वास उन्मूलन, जातिवाद के विरुद्ध संघर्ष, सामाजिक समरसता एवं मानव कल्याण के लिए अक्षुण्ण समर्पण में व्यतीत किया। हाथ में झाड़ू और कंधे पर गाडगे (मटका) धारण कर वे गाँव-गाँव, गली-गली, नगर-नगर भ्रमण करते थे, स्वयं सफाई करते हुए समाज को जागृत करते थे तथा लोगों को समझाते थे कि सच्ची भक्ति, सच्चा धर्म और सच्ची पूजा केवल मंदिरों-मस्जिदों में नहीं, अपितु मानव सेवा, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक सुधार एवं वंचितों के उत्थान में ही निहित है।

150th birth anniversary of Sant Gadge: राष्ट्र संत गाडगे जी का जीवन विनम्रता, परिश्रम, त्याग और अटूट संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जिससे समाज की गहनतम समस्याओं का समाधान संभव सिद्ध होता है। उन्होंने धोबी समाज सहित सभी वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान हेतु अथक संघर्ष किया, शिक्षा को सुलभ बनाया, कुरीतियों का डटकर मुकाबला किया तथा महात्मा गांधी जी के आदर्शों से प्रेरित होकर स्वच्छता एवं सेवा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। उनकी शिक्षाएँ आज भी स्वच्छ भारत अभियान, सामाजिक समरसता अभियान, ग्राम स्वच्छता अभियान तथा असंख्य सामाजिक सुधार आंदोलनों के लिए अमर प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं।

समारोह में उपस्थित विशिष्ट वक्ताओं ने अपने ओजस्वी उद्बोधनों में राष्ट्रसंत गाडगे जी महाराज के आदर्शों को मात्र स्मरण तक सीमित न रखने, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन, समाज एवं राष्ट्र निर्माण में व्यावहारिक रूप से उतारने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि गाडगे जी के बताए मार्ग- स्वच्छता, सेवा, समानता एवं मानवता पर चलकर ही हम एक स्वच्छ, समतामूलक, शिक्षित, जागरूक एवं समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं।

विशेष रूप से, वक्ताओं ने राष्ट्रसंत गाडगे जी महाराज जैसे महान व्यक्तित्व, जिन्होंने स्वच्छता को जीवन का मूल मंत्र बनाया और लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया, को भारत रत्न जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने की मांग को दोहराया। यह मांग न केवल उनके अतुलनीय योगदान की सच्ची मान्यता होगी, अपितु आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय प्रेरणा का स्रोत भी सिद्ध होगी।

अवसर पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने समारोह में आश्वासन दिया कि वे संत गाडगे जी महाराज को भारत रत्न प्रदान किए जाने तथा उनके जन्मदिवस 23 फरवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किए जाने हेतु मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री से शीघ्र एवं प्रभावी वार्ता करेंगे तथा इस दिशा में ठोस प्रयास करेंगे।

धोबी समाज के आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक उत्थान हेतु उत्तर प्रदेश में धोबी समाज कल्याण बोर्ड’ का शीघ्र गठन किए जाने की मांग को पुनः बल दिया गया। यह बोर्ड समाज के सदस्यों को व्यावसायिक प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा छात्रवृत्तियाँ, स्वरोजगार योजनाएँ एवं अन्य कल्याणकारी सुविधाएँ प्रदान कर उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

OB banner
देश की आवाज की खबरें फेसबुक पर पाने के लिए फेसबुक पेज को लाइक करें