Rajkot Division

Rajkot Division: जामनगर–लाखाबावल रेल सेक्शन के दोहरीकरण का संरक्षा निरीक्षण संपन्न

Rajkot Division: 120 किमी/घंटा की रफ्तार से हुआ स्पीड ट्रायल, जल्द शुरू होगा तेज एवं सुगम रेल संचालन

राजकोट, 26 फरवरी: Rajkot Division: पश्चिम रेलवे द्वारा रेल संरक्षा एवं परिचालन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राजकोट–कानालुस डबलिंग परियोजना के अंतर्गत जामनगर–लाखाबावल (लगभग 10 किमी) रेलखंड के मध्य नव निर्मित अप मेन लाइन एवं डाउन मेन लाइन का संरक्षा निरीक्षण आज रेल संरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety) श्री ई. श्रीनिवास द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

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इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) प्रदीप गुप्ता, राजकोट मंडल (Rajkot Division) रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना सहित निर्माण संगठन एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

संरक्षा निरीक्षण के दौरान नई रेल लाइनों की सुरक्षा, स्थिरता एवं तकनीकी मानकों का परीक्षण करने हेतु अप एवं डाउन दोनों लाइनों पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इसके अतिरिक्त मोटर ट्रॉली द्वारा विस्तृत निरीक्षण भी किया गया। यह परीक्षण नई लाइन पर सुरक्षित एवं उच्च गति से ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण है।

Rajkot Division: संरक्षा निरीक्षण के सफल समापन के पश्चात इस सेक्शन में नियमित रेल सेवाओं का संचालन दोनों लाइनों पर 110 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से प्रारंभ किए जाने की संभावना है। इससे रेल संचालन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं प्रभावी होगा तथा यात्रियों को बेहतर एवं तेज यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी।

इस परियोजना के पूर्ण होने से यात्री एवं मालगाड़ी परिचालन की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे सौराष्ट्र क्षेत्र में औद्योगिक, व्यावसायिक एवं पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि निर्माण संगठन एवं राजकोट मंडल (Rajkot Division) की टीमों के समर्पित, समन्वित एवं अथक प्रयासों से संभव हो सकी है।

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