IIT BHU: आई आई टी बी एच यू और फार्ड फाउंडेशन के बीच हुआ समझौता
IIT BHU: पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने हेतु आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी और फार्ड ( FAARD) फाउंडेशन के बीच एमओयू हस्ताक्षरित
- 5 वर्षों के लिये हुये समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया संस्थान के निदेशक प्रो अमित पात्रा और फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो पंजाब सिंह ने
रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 14 जनवरी: IIT BHU: कृषि नवाचार और ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय), वाराणसी और फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (FAARD फाउंडेशन), वाराणसी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू पर FAARD फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. पंजाब सिंह तथा आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने हस्ताक्षर किए।
यह समझौता आगामी पाँच वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान, डिजिटल तकनीक और जमीनी क्रियान्वयन को एकीकृत कर किसानों, ग्रामीण युवाओं तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को लाभान्वित करना है। इस रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत दोनों संस्थान मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश को कृषि नवाचार के “लाइटहाउस क्षेत्र” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करेंगे, जिसमें आईआईटी (बीएचयू) की तकनीकी विशेषज्ञता और FAARD फाउंडेशन के व्यापक ग्रामीण नेटवर्क का समन्वय किया जाएगा।
अवसर पर प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी (बीएचयू) ने कहा कि यह समझौता संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत शोध को जमीनी स्तर पर प्रभावी समाधान में परिवर्तित कर किसानों को तकनीक आधारित सशक्तिकरण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. पंजाब सिंह, अध्यक्ष, FAARD फाउंडेशन ने कहा कि यह साझेदारी किसानों को आधुनिक तकनीक, ज्ञान और बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी, जिससे उनकी आजीविका सुदृढ़ होगी और आय में वृद्धि होगी।
प्रो. राजेश कुमार, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास), आईआईटी (बीएचयू) ने एमओयू के प्रमुख क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सहयोग स्मार्ट कृषि तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार, एआई एवं आईओटी आधारित डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म के विकास, डिजिटल ज्ञान भंडार की स्थापना, युवाओं में कृषि उद्यमिता को बढ़ावा, जलवायु-स्मार्ट एवं नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों के एकीकरण, एफपीओ की क्षमता वृद्धि, छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, किसानों के खेतों में शोध परीक्षण तथा संयुक्त रूप से वित्तपोषित परियोजनाओं के विकास पर केंद्रित रहेगा।
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एमओयू हस्ताक्षर समारोह में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। आईआईटी (बीएचयू) की ओर से प्रो. एन.के. मुखोपाध्याय, अधिष्ठाता (फैकल्टी अफेयर्स), प्रोफेसर राजेश कुमार, अधिष्ठाता (छात्र कार्य), प्रोफेसर हीरालाल प्रामाणिक, अधिष्ठाता (रिसोर्स एंड एलुमनाई), प्रोफेसर देवेंद्र सिंह, अधिष्ठाता (शैक्षणिक कार्य) उपस्थित रहे। वहीं FAARD फाउंडेशन की ओर से ट्रस्टी डॉ. राजेश सिंह, पीआरओ, बीएचयू एवं संपादक, FAARD संवाद, ट्रस्टी डॉ. उमेश सिंह, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी, बीएचयू एवं उप-संपादक, FAARD संवाद, ट्रस्टी श्री दशरथ सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
दोनों संस्थान संयुक्त रूप से विकसित बौद्धिक संपदा को साझा करेंगे तथा ग्रामीण समुदायों और शोध प्रयोगशालाओं के बीच मजबूत द्विपक्षीय फीडबैक एवं तकनीकी हस्तांतरण तंत्र स्थापित करेंगे, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह ऐतिहासिक समझौता पूर्वी उत्तर प्रदेश में समावेशी, टिकाऊ एवं नवाचार आधारित कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा, जिससे किसानों, युवाओं और कृषि उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।


