Energy Supply News: पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार की बड़ी बैठक, गैस सप्लाई और एलपीजी पर दी अहम जानकारी
LPG Supply India: प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की सुरक्षित आपूर्ति जारी
मार्च में 3.5 लाख से अधिक घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए
घबराहट में की गई बुकिंग में अत्यधिक कमी आई
LPG Supply India: घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी
जिला कलेक्टरों और एफसी एंड एस अधिकारियों से नियमित प्रवर्तन कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया
547 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष पर विश्व के नेताओं से बात की
प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा और यह सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया कि शिपिंग लेन खुली और सुरक्षित रहें
नई दिल्ली, 23 मार्च: Energy Supply News: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पश्चिम एशिया में चल रहे अंतर-मंत्रालयी सम्मेलनों के तहत मीडिया को संबोधित किया। ये सम्मेलन नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बदलती स्थिति पर समय पर जानकारी दी जा सके। आज के सम्मेलन में ईंधन आपूर्ति की स्थिति, समुद्री संचालन और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ इन सभी क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।
ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने को दृष्टि में रखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने के लिए किए जा रहे उपायों के साथ-साथ ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर अद्यतन जानकारी प्रदान की गई। मंत्रालय ने बताया:
कच्चा तेल और रिफाइनरियां
· सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, और पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।
· · रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में संकट से पहले के स्तर की तुलना में वृद्धि हुई है।
रिटेल आउटलेट
· तेल विपणन कंपनियों द्वारा खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी का कोई मामला सामने नहीं आया है और पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।
· नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराकर खरीदारी न करें क्योंकि पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है।
प्राकृतिक गैस (Energy Supply News)
· प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लगातार संरक्षित आपूर्ति मिल रही है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति शामिल है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति लगभग 80 प्रतिशत पर विनियमित की जा रही है।
· सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं को वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है, जिसके लिए आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियों द्वारा प्रोत्साहन की पेशकश की गई है।
· भारत सरकार ने दिनांक 16.03.2026 के पत्र के माध्यम से राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक आवेदनों की मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
· भारत सरकार ने दिनांक 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन देने की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहायता कर सकें।
· मंत्रालय को राजस्थान सरकार से पत्र दिनांक 19.03.2026 के माध्यम से और मध्य प्रदेश सरकार से पत्र दिनांक 20.03.2026 के माध्यम से आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार ने सीजीडी को बढ़ावा देने और पीएनजी में परिवर्तन के लिए सुधारों के संबंध में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और उनके प्रस्तावों की जांच की जा रही है।
· भारत सरकार ने सभी संबंधित केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों से सीजीडी अवसंरचना से संबंधित सभी लंबित और नई अनुमतियों के शीघ्र निपटान और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है।
· भारत सरकार ने दिनांक 20.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों से अनुरोध किया है कि वे भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठानों में पीएनजी कनेक्शनों की संभावित मांग का व्यापक आकलन करें और इस प्रक्रिया के समन्वय के लिए प्रत्येक मंत्रालय/विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित करें।
· भारत सरकार के उपरोक्त पत्र के जवाब में, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने अपने सभी कार्यालयों को सीजीडी आवेदनों का प्राथमिकता अर्थात् प्राप्ति के 10 दिनों के भीतर के आधार पर निपटान करने की सलाह दी है,
· प्रमुख शहरों और शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से पीएनजी (पेट्रोलियम-जनित गैस) में परिवर्तित होने का अनुरोध किया गया है।
· मार्च 2026 के पहले 3 हफ्तों के दौरान सीजीडी संस्थाओं द्वारा 3.5 लाख से अधिक घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन जारी/सक्रिय किए गए हैं।
एलपीजी (LPG Supply India)
· व्याप्त भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति की निगरानी जारी है।
· वितरक केंद्रों पर किसी भी प्रकार की कमी की शिकायत नहीं मिली है।
· घबराहट में की गई बुकिंग में अत्यधिक कमी आई है और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
· भारत सरकार ने उपभोक्ताओं को आंशिक वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति (20 प्रतिशत) पहले ही बहाल कर दी थी। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से व्यापार सुगमता सुधारों के आधार पर पीएनजी विस्तार के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत वाणिज्यिक एलपीजी आवंटित करने का प्रस्ताव दिया था।
· भारत सरकार ने दिनांक 21.03.2026 के पत्र के माध्यम से राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन स्वीकृत किया है, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत हो जाएगा (इसमें पीएनजी विस्तार के लिए सुगमता संबंधी सुधारों के आधार पर 10 प्रतिशत आवंटन शामिल है)। यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण/डेयरी, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन/आउटलेट, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो एफटीएल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।
· 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने भारत सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन के आदेश जारी किए हैं। शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर जारी कर रही हैं। 14 मार्च 2026 से अब तक इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक संस्थाओं द्वारा लगभग 15,842 मीट्रिक टन एलपीजी का उपयोग किया जा चुका है ।
केरोसिन
· राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है और उनसे वितरण बिंदुओं की पहचान करने का अनुरोध किया गया है।
· 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने कोई आवश्यकता नहीं बताई है। आज की तिथि तक, 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अभी एसकेओ आवंटन आदेश जारी करना बाकी है।
राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका
· राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम और एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत आपूर्ति की निगरानी के लिए उत्तरदायी हैं और उन्हें जमाखोरी एवं कालाबाजारी के विरूद्ध सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी गई है।
· भारत सरकार ने दिनांक 13.03.2026 और 18.03.2026 के पत्रों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया है :
Ø जमाखोरी, कालाबाजारी, घरेलू एलपीजी की हेराफेरी और अन्य कुप्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी निगरानी रखना।
Ø आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, पेट्रोलियम अधिनियम, 1934, पेट्रोलियम नियम 2002, मोटर स्पिरिट और एचएसडी आदेश 2005 और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के तहत उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करना।
Ø स्थानीय प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, वाणिज्यिक एलपीजी के लिए उपयुक्त वितरण पद्धतियों को विकसित करना।
Ø घबराहट में खरीदारी को रोकने, एलपीजी के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करने और सटीक जानकारी के प्रसार के लिए सार्वजनिक सलाह जारी करना।
· सभी जिला कलेक्टरों और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति (एफसी एंड एस) अधिकारियों से अनुरोध है कि वे प्रतिदिन नियमित रूप से प्रवर्तन कार्रवाई करें।
· 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। इनमें से कई राज्य/केंद्र शासित प्रदेश दैनिक प्रेस ब्रीफिंग भी कर रहे हैं।
· 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जिला स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया है।
· जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित नहीं की हैं, उनसे अनुरोध है कि वे इन्हें तत्काल आधार पर स्थापित करें।
प्रवर्तन कार्रवाई
· जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों भर में प्रवर्तन कार्रवाई जारी है, पिछले 24 घंटों में लगभग 2,400 छापे मारे गए और 800 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए।
· आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की खबरें आई हैं, जिनमें ज़ब्ती, एफआईआर और गिरफ्तारियां शामिल हैं।
· सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की तेल विपणन कंपनियों ने सप्ताहांत में देशभर में खुदरा दुकानों और एलपीजी वितरकों पर 2,600 से अधिक औचक निरीक्षण किए।
· अब तक लगभग 550 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और लगभग 150 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अन्य सरकारी उपाय
· सरकार, विशेष रूप से घरों और अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए, निर्बाध एलपीजी आपूर्ति और पीएनजी के विस्तार को प्राथमिकता देना जारी रखे हुए है।
· इन उपायों में रिफाइनरी उत्पादन में वृद्धि, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक संशोधित करना और प्राथमिकता के आधार पर आवंटन करना शामिल है।
· एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्प पेश किए गए हैं।
· कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला वितरित करने के लिए राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला आवंटित करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है।
· राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है।
सार्वजनिक परामर्शी
· नागरिकों को आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी जाती है।
· उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे घबराहट में बुकिंग करने से बचें, डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और एलपीजी वितरकों के पास जाने से बचें।
· नागरिकों को वैकल्पिक ईंधन जैसे कि पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने और ऊर्जा संरक्षण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
समुद्री सुरक्षा और जहाजरानी संचालन
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी में वर्तमान समुद्री स्थिति पर अद्यतन जानकारी साझा की, साथ ही भारतीय जहाजों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे उपायों की भी जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि:
- इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई भी समुद्री दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है।
- पिछले 48 घंटों में जहाजों की तैनाती में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और लगभग 600 भारतीय नाविक उपस्थित हैं। 11 नाविकों ने अपनी सेवा समाप्त कर दी है और मानक प्रक्रियाओं के अनुसार उन्हें स्वदेश वापस भेजा जा रहा है।
- जहाजरानी महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के समन्वय से स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
- डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम 24×7 प्रचालनगत है और सक्रिय होने के बाद से इसने 3,730 कॉल और 7,058 ईमेल हैंडल किए हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों में 60 कॉल और 129 ईमेल और पिछले 48 घंटों में 180 कॉल और 310 ईमेल शामिल हैं।
- डीजी शिपिंग ने अब तक 547 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 13 और पिछले 48 घंटों में 34 नाविक शामिल हैं।
- भारत का समुद्री क्षेत्र सुचारू रूप से प्रचालनगत है और गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी सहित राज्य समुद्री बोर्डों द्वारा पुष्टि की गई है कि बंदरगाहों पर किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।
- बंदरगाह पोतों की आवाजाही और माल ढुलाई संचालन पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए), वीओ चिदंबरनार बंदरगाह प्राधिकरण (वीओसीपीए), विशाखापत्तनम बंदरगाह, मुंद्रा, दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण और न्यू मैंगलोर बंदरगाह प्राधिकरण (एनएमपीए) जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर अतिरिक्त क्षमता पहले ही सृजित की जा चुकी है।
- माल प्रवाह को प्रबंधित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए अतिरिक्त भंडारण और हैंडलिंग क्षमता का निर्माण किया गया है, जिसमें चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में लगभग 40,000 वर्ग मीटर का बैकअप भंडारण और कोचीन पोर्ट अथॉरिटी में लगभग 2,500 ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट (टीईयू) की क्षमता शामिल है।
पश्चिमी एशिया में बदलती स्थिति को देखते हुए, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय जहाजरानी गतिविधियों, बंदरगाह संचालन, नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार की निरंतरता पर लगातार नजर रख रहा है।
क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
इस प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्र में हुए हाल के घटनाक्रमों की जानकारी दी गई, जिसमें भारतीय मिशनों के माध्यम से दी जा रही निरंतर सहायता और संपर्क गतिविधियां शामिल हैं। यह बताया गया कि:
- प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर विश्व के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।
- शनिवार को उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से मुलाकात की और ईद-उल-रोज़ की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए।
- प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं।
- प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।
- उन्होंने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन की सराहना की।
- विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार दृष्टि रख रहा है और भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
- विदेश मंत्रालय का एक समर्पित नियंत्रण कक्ष कार्यरत है, जो राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखता है।
- इस पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास और दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, हेल्पलाइन लगातार चालू हैं, भारतीय समुदाय के विभिन्न संगठनों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं और अद्यतन सलाह जारी कर रहे हैं।
- दूतावास मेजबान सरकारों के साथ घनिष्ठ संपर्क में हैं और नाविकों, छात्रों, फंसे हुए भारतीय नागरिकों और अल्पकालिक आगंतुकों को वीजा सुविधा, कांसुलर सेवाएं और लॉजिस्टिक संबंधी सहायता प्रदान करना जारी है।
- 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 3,75,000 यात्री भारत लौट चुके हैं और समग्र उड़ान संचालन में लगातार सुधार हो रहा है।
- संयुक्त अरब अमीरात में, सीमित गैर-निर्धारित उड़ानें जारी हैं, जिनमें से आज भारत के लिए लगभग 95 उड़ानों की उम्मीद है।
- सऊदी अरब और ओमान से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं।
- कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है और कतर एयरवेज द्वारा आज भारत के लिए लगभग 8-10 गैर-अधिसूचित उड़ानें संचालित करने की उम्मीद है।
- कुवैत और बहरीन के हवाई क्षेत्र अभी भी बंद हैं। कुवैत की जज़ीरा एयरवेज सऊदी अरब के अल क़ैसुमा हवाई अड्डे (एक्यूआई) से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। बहरीन की गल्फ एयर भी सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे से भारत के लिए विशेष गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित कर रही है।
- कुवैत, बहरीन और इराक में विद्यमान भारतीय नागरिकों के लिए सऊदी अरब के रास्ते ट्रॉजिट की सुविधा पहले की तरह ही जारी है।
- ईरान में उपस्थित भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते भारत की यात्रा के लिए सहायता प्रदान की जा रही है, और अब तक 707 छात्रों और 324 भारतीय नागरिकों सहित 1,031 भारतीय सीमा पार कर चुके हैं।
- तेहरान, इस्फ़हान और शिराज में उपस्थित भारतीय छात्रों को ईरान के भीतर ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
- इजराइल में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जॉर्डन के रास्ते भारत की यात्रा करने की सुविधा दी जा रही है।


