Baba Vishwanath Darshan: बाबा विश्वनाथ के दर्शनर्थियों हेतु गुजरात की संस्था ने भेंट किये 5 गोल्फ कार्ट
Baba Vishwanath Darshan: मैदागिन से गोदौलिया के बीच अब दौड़ेंगी 11 गोल्फ कार्ट
- महापौर ने भावनगर स्थित लीलावती फकीर चंद शर्मा ट्रस्ट द्वारा प्रदत्त, पांच नई गोल्फ कार्ट की चाबियां मंडलायुक्त एस. राजलिंगम को सौंपी
- नगर निगम और मंदिर प्रशासन के समन्वय से संचालित यह सेवा पूरी तरह होगी निशुल्क
रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 31 जनवरी: Baba Vishwanath Darshan: काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए राहत भरी खबर है। अब मैदागिन या गोदौलिया से बाबा धाम की दूरी तय करना और भी सुगम होगा। भावनगर, गुजरात की सामाजिक संस्था लीलावती फकीर चंद शर्मा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पांच नई गोल्फ कार्ट वाराणसी के मेयर को प्रदान की. काशी विश्वनाथ धाम परिसर में शनिवार को आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान मेयर अशोक कुमार तिवारी ने उक्त सभी पांच नई गोल्फ कार्ट की चाबियां मंडलायुक्त एस. राजलिंगम को सौंपी।
ये पांचों गोल्फ कार्ट गुजरात के भावनगर स्थित ‘लीलावती फकीर चंद्र शर्मा ट्रस्ट’ द्वारा वाराणसी नगर निगम को भेंट की गई हैं। अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारी कोमल कांत शर्मा व पूर्णिमा शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। महापौर ने ट्रस्ट के इस सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए कहा कि यह सेवा बाबा के भक्तों के प्रति सेवा भाव का उत्तम उदाहरण है।
निशुल्क सेवा से श्रद्धालुओं मिलेगी राहत
नगर निगम और मंदिर प्रशासन के समन्वय से संचालित यह सेवा पूरी तरह निशुल्क होगी। वर्तमान में इस रूट पर छह गोल्फ कार्ट पहले से ही गतिमान थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 11 हो गई है। इससे प्रतीक्षा समय में कमी आएगी और भक्तों को संकरी गलियों व भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर मंदिर पहुंचने में सुविधा होगी।
चाबी सौंपने के दौरान उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद कनकलता , इर्देश कुमार, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा सहित नगर निगम के आला अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्ट प्रतिदिन नियमित रूप से मैदागिन, चौक और गोदौलिया के बीच संचालित की जाएंगी। मेयर श्री तिवारी ने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि, “काशी आने वाले हर श्रद्धालु की सुगमता हमारी प्राथमिकता है। इन नई गोल्फ कार्ट के शामिल होने से बुजुर्ग और दिव्यांग भक्त बिना किसी कष्ट के मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच सकेंगे।


