Sufficient: ‘पर्याप्त’ संख्या नहीं सोच है !: गिरीश्वर मिश्र

Sufficient: हर कोई अपने लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना चाहता है ताकि हर स्थिति का मुकाबला किया जा सके और इस बात की दौड़ लगी रहती है कि थोड़ा और हो जाता तो … Read More

New Year-2026: राष्ट्रीय नवोन्मेष और विकसित भारत की संकल्पना: गिरीश्वर मिश्र

 New Year-2026: पिछले एक दशक में भारत की छवि निश्चित रूप से एक सशक्त देश के रूप में निखरी है। नए वर्ष में इस बदलते भारत के भविष्य के बारे … Read More

Energy Conservation Day: ऊर्जा-संकट से बचने लिए जरूरी है ऊर्जा संरक्षण !: गिरीश्वर मिश्र

Energy Conservation Day: ऊर्जा के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। भौतिक नियम बताता है कि ऊर्जा न पैदा की सकती है न समाप्त ;  उसका सिर्फ़ … Read More

Geeta Jayanti: सहज कर्म-पथ का आह्वान है भगवद्गीता: गिरीश्वर मिश्र

Geeta Jayanti: कालजयी श्रीमद्भगवद्गीता उस महाभारत का अंश है जिसे भारतीय चिंतन की परम्परा में इतिहास में परिगणित किया गया है। यह महान रचना इस अर्थ में विशिष्ट है कि … Read More

Vande Mataram: “वंदे मातरम्“ है भारत की साकार अंतश्चेतना: गिरीश्वर मिश्र

Vande Mataram: वैश्विक स्तर पर भारत सदियों से अनेक देशों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा है । यह तथ्य अनेक साक्ष्यों से बहुश: प्रमाणित है कि प्राचीन भारत … Read More

Sardar Patel: भारत का सरदार और सरदार का भारत: गिरीश्वर मिश्र

 सरदार पटेल(Sardar Patel) स्वतंत्र भारत की मूर्त संकल्पना के अप्रतिम वास्तुकार थे। अंग्रेज़ी राज के विरुद्ध राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में देश के एक सच्चे सिपाही के रूप में वे समर्पित … Read More

Swadeshi: ‘स्वदेशी’ है आत्मबल से उत्कर्ष का आह्वान: गिरीश्वर मिश्र

Swadeshi: बुद्धिमान और सफल होने की चाह रखने वाले के व्यक्ति के लिए महान नीतिज्ञ आचार्य कौटिल्य के अर्थशास्त्र में एक बड़ी महत्वपूर्ण सीख दी गई है। इसमें कहा गया … Read More

National Hindi Day-2025: भाषा का स्वराज: गिरीश्वर मिश्र

National Hindi Day-2025:”सरकार का राजभाषा विभाग हिंदी उद्धार के काम में लगा हुआ है पर 76 वर्ष बीतने पर भी प्रश्न उलझा ही है। अंग्रेजी के साथ प्रतिद्वंदिता में हिन्दी हीनता का … Read More

Shri Krishna Janmashtami: पूर्णावतार श्रीकृष्ण

Shri Krishna Janmashtami: श्रीकृष्ण जितने अलौकिक, अतिमानवीय और आश्चर्यजनक रूप से विराट हैं उतने ही सामान्य लोक में रचे-पगे लघुता, सरलता और सहजता को स्वीकार करने में भी अतुलनीय हैं। … Read More

India 79th Independence Day: भविष्य का भारत: स्वायत्त और स्वावलंबी !

India 79th Independence Day: पराधीन सपनेहु सुख नाहीं ! अपनी अमूल्य कृति “रामचरितमानस “ में गोस्वामी तुलसीदास जी की यह उक्ति प्राणि मात्र के जीवन की एक प्रमुख सच्चाई को … Read More