Rajkot Division: वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सहित चार रेल अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
Rajkot Division: नवाचारी पहलों से राजकोट मंडल ने अर्जित किए ₹4.01 करोड़; पश्चिम रेलवे लगातार दूसरे वर्ष भारतीय रेल में प्रथम स्थान पर
राजकोट, 12 मार्च: Rajkot Division: पश्चिम रेलवे ने गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue) के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए लगातार दूसरे वर्ष संपूर्ण भारतीय रेल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस गौरवपूर्ण सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चर्चगेट स्थित मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रिंसिपल मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (PCCM) तरुण जैन द्वारा सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि के क्रम में राजकोट मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) सुनील कुमार मीना के कुशल नेतृत्व तथा वाणिज्य विभाग की टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की गई। इस अवसर पर राजकोट मंडल के चार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवाएं) श्री स्वप्निल वालिंगकर सहित मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राजकोट मंडल की उपलब्धियां :
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान राजकोट मंडल ने विभिन्न नवाचारी पहलों के माध्यम से ₹4.01 करोड़ का गैर-किराया राजस्व अर्जित किया। इस वर्ष पहली बार मंडल द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आधारित एकीकृत सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, एलईडी टीवी के माध्यम से घोषणाओं के साथ-साथ ट्रेन संबंधी जानकारी का प्रदर्शन, वैगन सफाई, गेम ज़ोन, स्टेशन क्षेत्र के बाहर पार्किंग, गुड्स शेड में कैंटीन, पूजा सामग्री कियोस्क तथा स्टेशन एवं परिसंचरण क्षेत्र में होर्डिंग्स एवं फ्लेक्स बोर्ड के लिए अनुबंध प्रदान किए गए।

सम्मानित होने वाले राजकोट मंडल के गौरवशाली रेल अधिकारी-कर्मचारी:
वाणिज्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किए गए राजकोट मंडल के अधिकारी-कर्मचारी निम्नलिखित हैं:
1) सुनील कुमार मीना – वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, राजकोट
2) हितेश जोशी – सहायक वाणिज्य प्रबंधक, राजकोट
3) चन्द्र सिंह झाला – तत्कालीन मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, राजकोट (वर्तमान में ACM-टिकट चेकिंग, चर्चगेट)
4) अमित जोशी – रिजर्वेशन सुपरवाइजर, राजकोट
राजकोट मंडल की इस उपलब्धि ने न केवल मंडल की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ किया है, बल्कि पश्चिम रेलवे को भारतीय रेल में अग्रणी बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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