Hapa Yard Wagon Shed: हापा यार्ड में अत्याधुनिक संयुक्त वैगन शेड तैयार
Hapa Yard Wagon Shed: नई सुविधा से प्रतिदिन 56 वैगनों की मरम्मत क्षमता, माल परिवहन होगा और तेज
राजकोट, 14 मार्च: Hapa Yard Wagon Shed: पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल के अंतर्गत हापा यार्ड में ₹35.41 करोड़ की लागत से माल वैगनों के रखरखाव के लिए अत्याधुनिक संयुक्त वैगन शेड का निर्माण गति शक्ति यूनिट, राजकोट द्वारा रिकॉर्ड समय में किया गया है। यह परियोजना मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, रोड सेफ्टी, चर्चगेट अमित मनुवाल के मार्गदर्शन तथा राजकोट मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना के दिशा-निर्देशों में मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति), राजकोट सुधीर दुबे एवं उनकी टीम द्वारा संपन्न की गई है।
वर्तमान में मात्र डेढ़ वर्ष के रिकॉर्ड समय में इस परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
इस नई सुविधा के शुरू होने से BTPN, BCN, BTPLN सहित विभिन्न प्रकार के माल वैगनों के निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव का कार्य अब अधिक तेज़, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नया वैगन शेड :
Hapa Yard Wagon Shed: नए वैगन शेड का आकार 172 मीटर × 25 मीटर है तथा इसकी अधिकतम ऊँचाई 16.5 मीटर है। इसमें ट्रस के बिना स्व-समर्थित हल्के वजन की प्रोफ्लेक्स रूफ शीट लगाई गई है। शेड के अंदर वैगनों के रखरखाव के लिए तीन रेलवे ट्रैक उपलब्ध कराए गए हैं तथा भारी सामग्री के उपयोग के दौरान फर्श को सुरक्षित रखने के लिए हार्डोनाइट फ्लोरिंग की गई है।

वैगनों के ऊपरी हिस्से के निरीक्षण के लिए लाइन संख्या 01 और 03 के साथ निरीक्षण गैंट्री तथा प्रत्येक 17 मीटर की दूरी पर निरीक्षण प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जिससे कर्मचारियों को वैगनों के ऊपर सुरक्षित रूप से पहुंचने में सुविधा होगी। नए शेड को राजकोट दिशा से लाइन संख्या 22 के माध्यम से जोड़ा गया है, जबकि एसी लोको ट्रिप शेड को लाइन संख्या 24 से अलग विद्युतीकृत कनेक्टिविटी प्रदान की गई है।
प्रशासनिक भवन और अन्य सुविधाएं भी विकसित :
इस परियोजना (Hapa Yard Wagon Shed) के अंतर्गत 78 मीटर × 9 मीटर का आधुनिक प्रशासनिक भवन भी बनाया गया है, जिसमें भूतल पर 10 कक्ष तथा प्रथम तल पर 12 कक्ष बनाए गए हैं। इसमें महिला कर्मचारियों के लिए अलग महिला विश्राम कक्ष की भी व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त परिसर में अलग पार्किंग क्षेत्र, सेवा मार्ग (सीसी रोड) तथा जल आपूर्ति के लिए भूमिगत जल टैंक का निर्माण भी किया गया है, जिसे मौजूदा ओवरहेड टैंक से जोड़कर वैगन शेड और प्रशासनिक भवन में पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
यह भी पढ़ें:- Rajkot Division: वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सहित चार रेल अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
माल वैगनों की मरम्मत क्षमता में होगा बड़ा इजाफा :
नई सुविधा के शुरू होने से माल वैगनों की मरम्मत क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जहां पहले प्रतिदिन लगभग 12 वैगनों की मरम्मत संभव थी, वहीं अब यह क्षमता बढ़कर 56 वैगन प्रतिदिन हो जाएगी। इसके साथ ही ROH (रूटीन ओवरहॉलिंग) आउटटर्न 70 वैगन प्रति माह से बढ़कर 125 से अधिक वैगन प्रति माह होने की संभावना है।
इस व्यवस्था से सिक वैगनों को अब लगभग 3 दिनों के भीतर फिट किया जा सकेगा, जबकि पहले इसमें औसतन लगभग 10 दिन लगते थे। इससे यार्ड में भीड़-भाड़ कम होगी और माल लोडिंग के लिए वैगनों की उपलब्धता तेजी से बढ़ेगी। साथ ही कई तकनीकी परीक्षण और ओवरहॉलिंग कार्य अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।
रेल संचालन और माल ढुलाई को मिलेगा बड़ा लाभ :
राजकोट मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना के अनुसार इस नई सुविधा से हापा यार्ड में वैगनों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य पहले की तुलना में काफी तेज़ और बेहतर तरीके से हो सकेगा। इससे वैगन जल्दी फिट होकर माल ढुलाई के लिए उपलब्ध होंगे, यार्ड में भीड़ कम होगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु रहेगा। परिणामस्वरूप उद्योगों और व्यापारियों को माल परिवहन में अधिक सुविधा मिलेगी तथा रेलवे की माल ढुलाई क्षमता और राजस्व में भी वृद्धि होगी।
देश की आवाज की खबरें फेसबुक पर पाने के लिए फेसबुक पेज को लाइक करें

