Sexual Sensitization

Sexual Sensitization: वी सी डब्लू मे लैंगिक संवेदीकरण पर ऐड ऑन कोर्स का हुआ शुभारम्भ

Sexual Sensitization: अंग्रेजी विभाग और स्पेक्ट्रम के संयुक्त तत्वावधान मे कुल 30 घंटे का कोर्स होगा आयोजित

  • मुख्य अतिथि प्रो रुथ वनिता ने ऐड ऑन कोर्स का किया शुभारम्भ

रिपोर्ट: डॉ राम शंकर सिंह
वाराणसी, 11 फरवरी:
Sexual Sensitization: वसंत महिला महाविद्यालय में ‘लैंगिक संवेदीकरण : पहचानों की मानवीय समझ की ओर’ नामक ऐड-ऑन कोर्स का शुभारम्भ हुआ. अंग्रेजी विभाग और स्पेक्ट्रम क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऐड-ऑन कोर्स 13 मार्च तक चलेगा. कोर्स की कुल अवधि 30 घंटे की है. कोर्स हाइब्रिड मोड पर संचालित किए जाएंगे. बुधवार को कोर्स का शुभारम्भ मोनताना विश्वविद्यालय की प्रो रुथ वनिता ने किया.

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता प्राचार्या प्रो अलका सिंह ने की. कोर्स का परिचय देते हुये डॉ रचना पाण्डेय ने कहा कि कोर्स के द्वारा, छात्रों और प्रतिभागियों को, लैंगिक विविधता और समुदाय की पहचानों के प्रति अधिक संवेदनशील और जागरूक बनाने का संकल्प निहित है. मुख्य अतिथि ख्याति प्राप्त समलैंगिक चिंतक प्रो. रुथ वनिता मोनताना विश्वविद्यालय ने भारतीय साहित्य और इतिहास में समलैंगिक संबंध’ पर विस्तार से प्रकाश डाला.

प्रो. रुथ ने कहा कि इन सम्बन्धों को समलैंगिक सम्बन्ध न कहकर समलैंगिक प्रेम कहना चाहिए. उन्होंने वात्स्यायन के कामसूत्र से लेकर आधुनिक समय में समलैंगिक प्रेम के बारे में बात की. कामसूत्र पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि- ‘काम का अर्थ सिर्फ सहवास नहीं होता बल्कि काम का होता है- इच्छा, अभिलाषा.

प्रो. रुथ ने आगे कहा कि पाण्डेय बेचन शर्मा उग्र के उपन्यास ‘चाकलेट’ पर भी चर्चा की. महाविद्यालय परिसर में हुए इस कार्यक्रम में प्रो. परवीन सुल्ताना, प्रो. मंजरी झुनझुनवाला, प्रो. प्रीति सिंह, प्रो. सौरभ सिंह, प्रो. अंजना सिंह, प्रो पुनीता पाठक, डॉ. मनीषा मिश्र, डॉ. श्वेता, डॉ. किरन तिवारी, डॉ. तमन्ना शाहीन, डॉ. राशिका जैन, डॉ. आकांक्षा अलंकृता, डॉ. विशाल सिंह, डॉ. अरशद रफीक़ और डॉ. समिया अंसारी सहित बड़ी संख्या मे छात्राएँ उपस्थित रहीं. संचालन डॉ. आकांक्षा त्रिवेदी ने किया. धन्यवाद ज्ञापन प्रो पुनिता ने दिया.

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