Rajkot Division Sets a New Milestone: ऊर्जा संरक्षण में राजकोट मंडल का नया कीर्तिमान
Rajkot Division Sets a New Milestone: पांच भवनों को BEE ‘शून्य’ एवं ‘शून्य प्लस’ लेबल के साथ मिली राष्ट्रीय मान्यता
ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में राजकोट मंडल की महत्वपूर्ण पहल
राजकोट, 18 फरवरी: Rajkot Division Sets a New Milestone: पश्चिम रेलवे के राजकोट रेल मंडल ने ऊर्जा दक्षता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मंडल के पांच भवनों को वर्ष 2025–26 के लिए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘शून्य प्लस (Shunya Plus)’ एवं ‘शून्य (Shunya)’ लेबल से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान ऊर्जा संरक्षण, सतत विकास तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में राजकोट मंडल द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाता है और राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण लक्ष्यों के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
राजकोट मंडल रेल प्रबंधक श्री गिरिराज कुमार मीना के मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडल बिजली इंजिनियर (पॉवर) श्रीमती रजनी यादव एवं उनकी टीम के समर्पित प्रयासों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। मंडल द्वारा ऊर्जा-कुशल अवसंरचना, आधुनिक तकनीकों एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रणालियों को अपनाकर रेलवे परिसरों में ऊर्जा बचत को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।
इन भवनों में ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करने हेतु उच्च ऊर्जा दक्षता वाले BLDC पंखों, संपूर्ण परिसर में LED लाइटिंग प्रणाली, ऊर्जा दक्ष 5-स्टार रेटेड विद्युत उपकरणों का उपयोग किया गया है। साथ ही रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है तथा सोलर वॉटर हीटर प्रणाली का समावेशन किया गया है।
प्रकाश व्यवस्था के प्रभावी एवं स्वचालित नियंत्रण के लिए Astronomical Timers लगाए गए हैं, जिससे सूर्यास्त एवं सूर्योदय के अनुसार लाइटिंग संचालित होती है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट ऊर्जा मॉनिटरिंग एवं नियंत्रण प्रणाली तथा प्राकृतिक प्रकाश एवं वेंटिलेशन को बढ़ावा देकर समग्र ऊर्जा खपत में उल्लेखनीय कमी सुनिश्चित की गई है। इन पहलों के परिणामस्वरूप ऊर्जा खपत में उल्लेखनीय कमी आई और भवनों ने बीईई के निर्धारित ऊर्जा प्रदर्शन मानकों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया।
बीईई ‘शून्य प्लस’ (Shunya Plus) लेबल प्राप्त भवन :
- ओएचई एवं पीएसआई डिपो, वांकानेर
- ओएचई एवं पीएसआई डिपो, हापा
- प्रशिक्षण केंद्र एवं हॉस्टल भवन, राजकोट
बीईई ‘शून्य’ (Shunya) लेबल प्राप्त भवन:
- ओएचई एवं पीएसआई डिपो, मोरबी
- ट्रैक्शन सब-स्टेशन, हापा
इस उपलब्धि से न केवल ऊर्जा खपत में कमी आएगी, बल्कि हरित एवं सतत रेलवे के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। राजकोट मंडल का यह प्रयास भारतीय रेलवे की “ग्रीन एवं सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


