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Census-2026: 1 अप्रैल से शुरू होगी जनगणना 2026 – दो चरणों में होगी प्रक्रिया

  • स्व-गणना एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा के माध्यम से होगी, उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 16 भाषाओं में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे
  • प्रगणक (Enumerators) अपने स्मार्टफ़ोन का उपयोग करके, सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे और जमा करेंगे
  • डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं
  • पूरे देश में जनगणना 2027 में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे

नई दिल्ली, 31 मार्च: Census-2026: भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने नई दिल्ली में जनगणना-2027 पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसका पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। पहली बार, जनगणना डिजिटल रूप में आयोजित की जाएगी, और पहली बार ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, NDMC और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास जनगणना आयोजित की जाएगी।

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भारत की जनगणना (Census-2026) का संचालन जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 (समय-समय पर संशोधित) के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। भारत की पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। जनगणना 2027 श्रृंखला की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी।

भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 (Census-2026) आयोजित करने के आशय को 16 जून, 2025 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 की 00:00 बजे होगी (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 की 00:00 बजे होगी)।

जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी।

पहला चरण  – मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), (Census-2026) जो अप्रैल से सितंबर, 2026 के दौरान राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्र की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिनों की स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके पास उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। पहले चरण के प्रश्न जनवरी 2026 में अधिसूचित किए जा चुके हैं।

Census-2026: दूसरा चरण – जनसंख्या गणना (Population Enumeration) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों में यह सितंबर 2026 में आयोजित होगा)। CCPA के निर्णयानुसार, इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। जनसंख्या गणना की सटीक तिथियां एवं प्रश्नावली समयानुसार अधिसूचित की जाएगी।

Census-2026

Census-2026: अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, दिल्ली (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 अप्रैल से 15 मई, 2026 के बीच आयोजित होगी, तथा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ एवं हरियाणा में यह कार्य 1 मई से 30 मई, 2026 तक होगा तथा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक स्व-गणना की अवधि रहेगी। राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार विस्तृत कार्यक्रम परिशिष्ट में संलग्न है।

भारत सरकार ने जनगणना 2027 के लिए ₹11,718.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें प्रगणकों के मानदेय, प्रशिक्षण, आईटी अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स आदि के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है।

जनगणना 2027 को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने स्मार्टफोन द्वारा सीधे डेटा एकत्र एवं प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों चरणों में स्व-गणना के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप एवं स्व-गणना पोर्टल हिंदी एवं अंग्रेज़ी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। जनगणना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र का निर्माण, कार्य आवंटन, प्रशिक्षण प्रबंधन, HLB निर्माण, डैशबोर्ड के माध्यम से कार्य की निगरानी, कुछ जनगणना अभिलेखों/सारांशों का स्वतः निर्माण आदि के लिए एक पोर्टल विकसित किया गया है। मकानसूचीकरण ब्लॉक, HLB वेब मैपिंग एप्लिकेशन के माध्यम से तैयार किए जाएंगे। डेटा सुरक्षा हेतु आवश्यक सभी उपाय किए गए हैं।

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स्व-गणना के लिए, व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर एवं अन्य मूलभूत विवरणों के माध्यम से पोर्टल में लॉग-इन कर अपनी सुविधा अनुसार जनगणना प्रपत्र भर सकते हैं। सफल सबमिशन के पश्चात एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना होगा। स्व-गणना सुविधा से लोगों को प्रगणक के आगमन से पूर्व अपनी सुविधा अनुसार जानकारी भरने की स्वतंत्रता मिलेगी। पूर्व की भांति प्रगणक अपने आवंटित ब्लॉकों में घर-घर जाकर गणना करेंगे, जबकि स्व-गणना इस बार एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में प्रदान की गई है।

(एसई पोर्टल पर जाएं (se.census.gov.in)  मोबाइल नंबर से लॉगइन करें  मानचित्र पर स्थान चिन्हित करें  परिवार का विवरण भरें  जानकारी सबमिट करें  SE ID प्राप्त करें  प्रगणक को SE ID दें  डेटा को पुष्टि कर जनगणना में सम्मिलित किया जाएगा)

जनगणना के प्रथम चरण (HLO) का पूर्व-परीक्षण नवंबर 2025 में सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में लगभग 5000 ब्लॉकों में किया गया। इसमें गणना पद्धति, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, प्रश्नावली, ऐप एवं पोर्टल सहित डेटा संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण तक सभी गतिविधियों का परीक्षण किया गया।

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01.01.2026 से 31.03.2027 तक सभी प्रशासनिक इकाइयों को स्थिर (फ्रीज़) कर दिया गया है। जनगणना 2027 का संचालन 36 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, 7,092 उप-जिलों, 5,128 सांविधिक नगरों, 4,580 जनगणना नगरों तथा लगभग 6,39,902 गांवों में किया जाएगा।

जनगणना अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु व्यापक व्यवस्था की गई है। 100 राष्ट्रीय प्रशिक्षकों को विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है, जिन्होंने लगभग 2000 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया है। ये मास्टर ट्रेनर्स लगभग 45,000 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित कर रहे हैं, जो आगे लगभग 31 लाख प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को लगभग 80,000 बैचों में प्रशिक्षण देंगे। सभी प्रशिक्षण सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार की गई है ताकि अंतिम स्तर पर कार्यरत प्रगणक एवं पर्यवेक्षक समय पर गुणवत्तापूर्ण डेटा एकत्र कर सकें।

 अनुलग्नक

राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्रवार मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना  तथा स्व-गणना अवधि

राज्य/संघ राज्य क्षेत्रस्व-गणना (Self-Enumeration) अवधिमकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting & Housing Census) अवधि
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम1 अप्रैल से 15 अप्रैल16 अप्रैल से 15 मई
गुजरात*, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव5 अप्रैल से 19 अप्रैल20 अप्रैल से 19 मई
उत्तराखंड10 अप्रैल से 24 अप्रैल25 अप्रैल से 24 मई
मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और हरियाणा16 अप्रैल से 30 अप्रैल1 मई से 30 मई
बिहार17 अप्रैल से 1 मई2 मई से 31 मई
तेलंगाना26 अप्रैल से 10 मई11 मई से 9 जून
पंजाब30 अप्रैल से 14 मई15 मई से 13 जून
दिल्ली (दिल्ली नगर निगम), महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान और झारखंड**1 मई से 15 मई16 मई से 14 जून
उत्तर प्रदेश7 मई से 21 मई22 मई से 20 जून
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी17 मई से 31 मई1 जून से 30 जून
हिमाचल प्रदेश1 जून से 15 जून16 जून से 15 जुलाई
केरल और नागालैंड16 जून से 30 जून1 जुलाई से 30 जुलाई
तमिलनाडु और त्रिपुरा17 जुलाई से 31 जुलाई1 अगस्त से 30 अगस्त
असम2 अगस्त से 16 अगस्त17 अगस्त से 15 सितंबर
मणिपुर17 अगस्त से 31 अगस्त1 सितंबर से 30 सितंबर
पश्चिम बंगालनिर्धारित किया जाना है 

* गुजरात – परिवर्तन संभव
** झारखंड – जनगणना कराने की मंशा की अधिसूचना जारी, HLO अवधि अधिसूचित की जाएगी