supreme court AI 884x497 1

SIR in Bengal: बंगाल में SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, न्यायिक अधिकारियों से होगी निगरानी

SIR in Bengal: SC के आदेश के बाद सियासत गरम; विपक्ष ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 20 फरवरी: SIR in Bengal: पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम हस्तक्षेप किया है। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि SIR प्रक्रिया की निगरानी न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में की जाएगी, ताकि पूरी कार्रवाई पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ सके। कोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच चल रहे विवाद पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने SIR प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का आदेश दिया।

यह भी पढ़ें:- Train Scheduled Update: राजकोट – महबूबनगर स्‍पेशल ट्रेन के फेरे विस्‍तारित

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियुक्त न्यायिक अधिकारी समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहे। अदालत की इस व्यवस्था का मकसद किसी भी तरह के विवाद या पक्षपात की आशंका को कम करना बताया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं, इसलिए अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा। विपक्ष ने इसे राज्य सरकार के लिए बड़ा संकेत बताया है।

हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार कानून और संविधान का पूरा सम्मान करती है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा। टीएमसी ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया।

विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायिक निगरानी से SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और इससे जनता का भरोसा मजबूत हो सकता है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर आगे भी बयानबाजी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।

फिलहाल सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में SIR प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इससे विवाद थमता है या सियासी टकराव और तेज होता है।

OB banner
देश की आवाज की खबरें फेसबुक पर पाने के लिए फेसबुक पेज को लाइक करें